करवा चौथ 2025

लेखक: Nitesh Panwar | © trendingnews.in

डेरा डाल चुकी है खबरी हवाएं — करवा चौथ क्यों आज सबसे ज़्यादा चर्चा में?

हर साल की तरह इस बार भी करवा चौथ ने मीडिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस बार चर्चा केवल पूजा-पाठ या संस्कृति तक सीमित नहीं है — बाजारों की रौनक, सेलिब्रिटी लुक्स, सोशल मीडिया चैलेंज, और वायरल किस्से, सब मिलकर बना रहे हैं इस त्योहार को “नया ट्रेंड”। करवा चौथ 2025

उदाहरण के लिए, मैनपुरी के बाजार में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा था और उन्हें विरोध करना पड़ा। यह क्लिप सोशल मीडिया पर घुमती ही चली गई। (यह घटना मीडिया रिपोर्ट्स में छपी है) वहीं, बॉलीवुड और टीवी जगत की अभिनेत्रियाँ इस दिन के फैशन लुक्स और इंस्टाग्राम पोस्ट्स के ज़रिए नए ट्रेंड सेट कर रही हैं। चिया सीड से बनी “ग्लो ड्रिंक” की सलाह स्वास्थ्य जगत में चर्चा का कारण बनी है — कहना है कि यह निर्जला व्रत में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करेगी। साथ ही, “सोलह श्रृंगार” का महत्व इस वर्ष फिर से जोर से उजागर हो रहा है — जो पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। ये सभी बातें बताती हैं कि करवा चौथ 2025 सिर्फ व्रत-पुजा तक सिमित नहीं — यह एक पूरक सांस्कृतिक उत्सव बन गया है, जिसमें आधुनिकता और परंपरा एक साथ कदम बढ़ा रही हैं। करवा चौथ 2025

करवा चौथ 2025: समय, तिथि और चंद्र दर्शन की जानकारी

हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ **चतुर्थी तिथि** को मनाया जाता है। इस वर्ष 2025 में यह पर्व 9–10 अक्टूबर की रात को मनाया जाएगा। चंद्रमा दर्शन (मूनराइज) का समय आपके शहर के अनुसार बदलता है — इसलिए स्थानीय पंचांग या ज्योतिष की जानकारी ज़रूरी है। (कई समाचार स्रोतों में यह भी बताया गया है कि तिथि के हस्तांतराल के कारण भ्रम हो सकता है — इसलिए आधिकारिक पंचांग देखना सर्वोत्तम रहेगा) करवा चौथ 2025

पूजा एवं व्रत समय सारिणी (अनुमानित)

  • सूर्योदय पूर्व सर्गी (पहले भोजन): तिथि आरंभ से पहले
  • व्रत प्रारंभ: सूर्योदय के समय या तिथि आरंभ के बाद
  • पूजा समय: शाम ढलते समय (दोपहर-शाम के बीच)
  • चंद्र दर्शन: अमावस्या बाद चंद्र उदय होते ही
  • व्रत ब्रेक (फास्र्त तोड़ना): चाँद देखने व पूजा के बाद पति द्वारा पानी एवं भोजन देना करवा चौथ 2025

ध्यान दें: ये समय अनुमानित हैं। आपके क्षेत्र में पंचांग या मंदिर द्वारा घोषित समय ही शाब्दिक रूप से सही माना जाए। करवा चौथ 2025

विरासत में बसी यह कहानी: करवा चौथ का इतिहास और मिथक

करवा चौथ का मूल नाम है “करका चतुर्थी” — करका यानी मिट्टी का कलश (पात्र) और चतुर्थी यानी चौथा दिन। यह व्रत मुख्यतः उत्तरी भारत, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में मनाया जाता है। करवा चौथ 2025

पौराणिक कथा: वीरावती और उसकी हताशा

एक पुरानी कथा कहती है कि एक सुहागिन (विवाहित महिला) वीरावती पहले करवा चौथ मनाते समय बहुत पीड़ा में थी। दिन भर निर्जला व्रत रखते हुए, वह चाँद की प्रतीक्षा कर रही थी। उसके सात भाइयों को उसकी पीड़ा देख कर उससे मिलवाने का उपाय सोचा — उन्होंने एक शीशा-पलट (आईना) स्थापित किया, जिससे ऐसा प्रतीत होने लगा कि चन्द्रमा निकल आया है। वीरावती झूठे चंद्रमा को देखकर व्रत तोड़ लेती है। पर कुछ समय पश्चात् वह जानती है कि उसने वास्तविक चाँद नहीं देखा था। उसी दौरान दुखद समाचार मिलता है कि उसका पति (राजा) मृत्यु को प्राप्त हो गया। उसकी कोमल भक्ति के कारण देवी (शक्ति) प्रकट होती हैं और कहती हैं कि वह वास्तव में चाँद को देखा था — क्योंकि सच्ची श्रद्धा चाँद को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। यही कथा करवा चौथ का मूल भाव बताती है — कि श्रद्धा और प्रेम से किया गया व्रत ही फलदायी होता है। करवा चौथ 2025

समय के साथ यह व्रत “पतिव्रता” और “प्यार की निशानी” बन गया। फिल्म-सिनेमा, गीत, कविता और साहित्य ने इसे और लोकप्रिय बनाया — जहाँ पत्नी अपने पति की दीर्घायु के लिए संकल्प लेती है, और पति अपनी स्नेहादृष्टि से व्रत तोड़ता है।

विरासत से बदलाव तक: करवा चौथ में इस वर्ष का नया रुझान

यह वर्ष करवा चौथ को लेकर कुछ नए ट्रेंड सामने आए हैं जो इसे पारंपरिक से आगे ले जाते हैं: करवा चौथ 2025

मॉडर्न कपल्स में समानता और संवेदनशीलता

कुछ आधुनिक जोड़ों में यह चलन बढ़ रहा है कि पति भी व्रत रखे या कम से कम ज़रूर साथ दें — ताकि यह दिखे कि श्रद्धा और सम्मान केवल महिला का दायित्व नहीं। ज़ी न्यूज़ के अनुसार, कई दंपतियों ने इस करवा चौथ को “प्यार और बराबरी” के स्वरूप में मनाया है। इससे व्रत Siva स्वरूप बदलने लगे हैं — अब यह केवल धर्म नहीं, बल्कि भावनात्मक साझेदारी का प्रतीक भी बन चुका है।

चिया सीड ग्लो ड्रिंक: स्वास्थ्य से जोड़ने की कोशिश करवा चौथ 2025

इस वर्ष मीडिया में जोरशोर से एक “ग्लो ड्रिंक” चर्चा में है, जिसमें चिया सीड (chia seed) को सर्गी के सुबह के हिस्से में सुझाया गया है। कहा जा रहा है कि यह ऊर्जा बनाए रखने और त्वचा को ताज़ा रखने में मदद करती है। हालांकि, विज्ञान या आयुर्वेद प्रमाणित रूप से यह पुष्टि नहीं करता कि यह ड्रिंक व्रत के दौरान अनिवार्य रूप से लाभदायक है — लेकिन यह एक उत्तम प्रयास है स्वस्थ रहने का, बशर्ते सही सावधानी और मात्रा के साथ लिया जाए। करवा चौथ 2025

सेलेब लुक्स और सोशल मीडिया प्रभाव

सेलेब्रिटी करवा चौथ पोस्ट्स, लहंगे, श्रृंगार और इंस्टा रील्स इस वर्ष चर्चा में हैं। उदाहरण के लिए, अभिनेत्री **Bhagyashree** ने “Bijuria” गाने पर अपनी धमाकेदार डांस वीडियो शेयर की, जो मीडिया में वायरल हुई। टीवी अभिनेत्री **Rupali Ganguly** ने कहा कि इस दिन उन्हें पति और बेटे से विशेष दर्जा मिलता है — उनकी एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि उनका छोटा लड़का थाली पकड़े व्रत में भाग लेता है। यह दिखाता है कि यह त्योहार अब पारंपरिक से सोशल मीडिया तक फैल गया है — जहाँ “किसका लुक बेहतर है”, “नवीन श्रृंगार”, “इंस्टा पोस्ट्स” प्रमुख चर्चा का हिस्सा बन गए हैं। करवा चौथ 2025

वायरल घटनाएँ: बाज़ारों में हंगामा

मीडिया रिपोर्ट्स में यह खबर भी सुर्खियों में आई कि यूपी के मैनपुरी के एक बाजार में एक व्यक्ति महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा था, जिसे कुछ बहादुर महिलाओं ने पकड़ा और विरोध किया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर गया और वायरल हुआ। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि त्योहारों के दिन, भीड़ और संवेदनशील भावनाओं के बीच सामाजिक चेतना कितनी ज़रूरी है। करवा चौथ 2025

पूजा विधि, मंत्र, और अनुष्ठान: एक–एक कदम

नीचे दी गई विधि सामान्य दिशा देने के लिए है — कृपया अपनी पुजारी, मंदिर या पारिवारिक परम्परा अनुसार समय एवं क्रम देखें।

  1. सजावट और तैयारी सुबह से ही घर को साफ किया जाता है। पूजा स्थल पर कपड़े, रंगोली, फूल, दीया, दीपक आदि सजाए जाते हैं। महिलाएँ पारंपरिक (लाल, गुलाबी, क्रीम) रंगों की साड़ी या लहंगा पहनती हैं। अतिरिक्त: “सोलह श्रृंगार” जैसे बिंदी, सिंदूर, मांग टीका, गले में मंगलसूत्र, हाथों में चूड़ियाँ, हँथेली पर मेहंदी आदि — प्रतीकात्मक आयाम देती हैं। करवा चौथ 2025
  2. सर्गी ग्रहण व्रत से पहले की यह अत्यंत महत्वपूर्ण खुराक होती है, जिसे सवेरे सूर्योदय से पहले ग्रहण किया जाता है। पारंपरिक रूप से सर्गी में शामिल होते हैं: हल्का भोजन, फल, नट्स, डेअरी उत्पाद, खजूर, दूध या हल्दी वाला दूध आदि। इस वर्ष चिया सीड आधारित ग्लो ड्रिंक को शामिल करने की सलाह दी जा रही है।
  3. पूजा प्रारंभ शाम को ढलते समय महिलाएँ पूजा स्थान पर बैठती हैं। व्रत कथा सुनी जाती है, मंत्रों का उच्चारण होता है, माता-पूजा की जाती है और करवा (कलश) को जल अथवा पानी से स्नान करवाया जाता है। पूजा में चावल, फुल, सिंदूर, रोली, अक्षत, गुड़, सूखे मेवे आदि प्रयोग किए जाते हैं। महिलाएँ “चन्नी” (छलनी) का उपयोग करते हुए चाँद को देखती हैं — चाँद को देखकर व्रत तोड़ने की अनुमति मिलती है।
  4. चंद्र दर्शन एवं व्रत-विभोजन चंद्रमा देखने के बाद, पति अपने हाथों से पत्नी को पानी पिलाते हैं और फिर हल्का भोजन प्रस्तुत करते हैं। इस प्रकार व्रत पूरा माना जाता है। भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए — खिचड़ी, दाल–चावल, हल्का सब्जी आदि। अधिक तला-भुना या भारी चीज़ें उपयुक्त नहीं मानी जातीं। करवा चौथ 2025

पूजा के दौरान भाव, श्रद्धा और समर्पण की बड़ी भूमिका होती है। यह नियम मात्र क्रियाकर्म नहीं — यह दिल से किया जाने वाला व्रत है।

स्वास्थ्य और सावधानियाँ: निर्जला व्रत में कैसे बचें कमजोरी से?

जब निर्जला व्रत रखा जाए — यानी पूरी तरह पानी और भोजन से परहेज़ — तब शरीर को कमजोर न पड़ने देना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

  • सुनियोजित सर्गी: हल्के, पोषणयुक्त और ऊर्जा देने वाले आहार लें — जैसे फल, नट्स, दूध, ओट्स इत्यादि। अत्यधिक तला हुआ, तेलीय या मिर्च मसालेदार नहीं।
  • प्री-हाइड्रेशन: सूर्योदय से पहले अच्छी मात्रा में पानी या इलेक्ट्रोलाइट जल लें (नारियल पानी, लिम्बू पानी आदि)।
  • अत्यधिक शर्करा और जंक फूड से दूर: ये तुरंत ऊर्जा देते हैं पर टूटने पर शरीर को अंदर से थका देते हैं।
  • दिन में आराम और संयम: ज्यादा चलना, भारी काम, व्यायाम से बचें। थकान लगने पर तुरंत विश्राम करें।
  • वेगन विकल्प और प्राकृतिक सामग्री: यदि संभव हो तो सत्त्विक आहार (जैसे मूंग दाल, हल्का दही, फलों के स्मूदी) उपयोग करें।
  • चिया सीड ग्लो ड्रिंक: यदि आपके शरीर को उपयुक्त लगे, यह एक हल्का लेकिन पोषणयुक्त विकल्प हो सकती है।
  • तत्काल तोड़ने का विकल्प रखें: यदि चक्कर आएँ, बेहोशी लगे या अत्यधिक कमजोरी हो — तो कुछ पानी या सुपाच्य हल्का भोजन लें। स्वास्थ्य सबसे पहले। करवा चौथ 2025

ध्यान रखें: हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है — इसलिए स्वास्थ्य संबंधी फैसले अपने डॉक्टर से सलाह के बाद लें।

करवा चौथ: सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलू

यह व्रत केवल पति की लंबी उम्र का नहीं — बल्कि विश्वास, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यहाँ कुछ विचार हैं:

समय के साथ परंपरा का स्वरूप बदलना

पहले यह एक पारंपरिक कर्तव्य माना जाता था, पर आज यह “स्वेच्छा” की प्रतीक बन चुका है। कई महिलाएँ कहती हैं कि यह उनकी अपनी श्रद्धा का विकल्प है — न कि मजबूरी। कई दंपति इसे साझा भावना के रूप में लेते हैं — पति भी उपवास रखते हैं या कम से कम व्रत के दौरान साथ खड़े होते हैं। यह दृष्टिकोण व्रत को प्रसारित करता है कि यह पति-पत्नी की साझेदारी है, न कि केवल महिला की जिम्मेदारी। करवा चौथ 2025

समाज में जागरूकता और सुरक्षा

विरासत के साथ ही जागरूकता भी ज़रूरी है — विशेषकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं की सुरक्षा, बदमाशी की घटनाएं और अपर्याप्त सुरक्षा ने कई रोचक और गंभीर मामलों को जन्म दिया है। मैनपुरी की घटना हमें याद दिलाती है कि त्योहारों पर सामाजिक संवेदनशीलता अधिक जरूरी हो जाती है। महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा हर समय प्राथमिक होनी चाहिए।

मनोरंजन और भावनात्मक जुड़ाव

करीबी लोगों के साथ पूजा करना, संवाद करना, बच्चों को इसके महत्व समझाना — ये पहलू करवा चौथ को सिर्फ व्रत का काम नहीं, बल्कि पारिवारिक उत्सव का अनुभव बनाते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट्स, रील्स, फैमिली फोटोशूट — ये सब इस दिन को और अधिक जीवंत बनाते हैं। लेकिन हद से ज़्यादा दिखावा कभी-कभी मूल भावना को छिपा सकता है — इसलिए संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष: चाँद की वो रात — सिर्फ एक व्रत नहीं, प्रेम की अमर दास्ताँ

करवा चौथ 2025 सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं — यह आधुनिक समय में प्रेम, सम्मान और साझेदारी की एक नई भाषा बन चुका है। चाहे वह बाजार का हंगामा हो, चिया सीड ग्लो ड्रिंक की चर्चा हो, या सोशल मीडिया की चमक-धमक — इन सबके बीच वह पल महत्वपूर्ण है जब एक पत्नी चाँद को देखे, पति अपना हाथ बढ़ाए, और दोनों मिलकर यह कहें: “तुम्हारी लंबी आयु के लिए मैंने आज निष्ठा रखी।”

इस लेख में हमने करवा चौथ की तिथि, पूजा विधि, स्वास्थ्य सुझाव, आधुनिक रुझान और सामाजिक दृष्टिकोण को एक साथ पढने योग्य शैली में प्रस्तुत किया। आशा है यह लेख आपको न सिर्फ जानकारी देगा, बल्कि उस भावनात्मक जुड़ाव का एहसास भी कराएगा, जो चाँद की चाँदी सी रात को और रोशन करती है।

“श्रद्धा जिस चाँद को बुलाती है, वह चाँद भी झुक कर नमस्कार करता है।”https://terdingnews.in/sona-chandi-bhav/ https://timesofindia.indiatimes.com/business

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