ITR क्रांति 2025:
लेखक: Nitesh Panwar | © terdingnews.in
1. कहानी की चिंगारी: शुरुआत कैसे हुई
2025 का साल टैक्सपेयर्स के लिए रोलर-कोस्टर जैसा साबित हुआ। हर साल की तरह इस बार भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 31 जुलाई को आख़िरी तारीख तय की थी। पर जैसे-जैसे जुलाई नज़दीक आया, फाइनेंस जगत में चर्चाएँ तेज़ होने लगीं कि नया ITR फॉर्म, पोर्टल पर कोडिंग अपग्रेड और डाटा सिक्योरिटी पैच सब मिलाकर काम को पेचीदा बना रहे हैं। करदाता और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दोनों को लगने लगा कि शायद तारीख बढ़ेगी। आखिरकार सरकार ने घोषणा की – “डेडलाइन अब 15 सितंबर 2025 होगी।” राहत की सांस सबने ली, मगर किसी ने नहीं सोचा था कि असली दिक्कत तो आगे इंतजार कर रही है। ITR क्रांति 2025: पोर्टल हिला, डेडलाइन बढ़ी और टैक्सपेयर्स की सांसें थमी!
2. 15 सितंबर की तूफ़ानी शाम
जैसे ही 15 सितंबर का सूरज डूबने लगा, पोर्टल पर भीड़ वैसी ही थी जैसे शादी में जलेबी के स्टॉल पर। लोग लॉगिन कर रहे थे और स्क्रीन पर सिर्फ घूमता हुआ लोडिंग आइकन। कई यूज़र्स ने ट्वीट कर कहा—“साइट बार-बार हैंग हो रही है, CAPTCHA काम नहीं कर रहा।” कुछ ने स्क्रीनशॉट साझा किए जिनमें “Service Unavailable” साफ़ लिखा था। सोशल मीडिया पर #ITRPortalDown ट्रेंड करने लगा। कई लोगों ने बताया कि एडवांस टैक्स का चालान बन ही नहीं पा रहा। बैंकिंग चैनल्स भी देर से रिस्पॉन्ड कर रहे थे। टैक्स फाइलिंग का यह आख़िरी दिन मानो तनाव की परीक्षा बन गया। ITR क्रांति 2025: पोर्टल हिला, डेडलाइन बढ़ी और टैक्सपेयर्स की सांसें थमी!
3. सरकार की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया
दबाव बढ़ा तो देर रात इनकम टैक्स विभाग ने ऑफिशियल पोस्ट डालकर बताया: “टेक्निकल कारणों और भारी ट्रैफिक को देखते हुए डेडलाइन 16 सितंबर 2025 तक बढ़ाई जाती है।” साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यह अंतिम एक्सटेंशन होगा। यह घोषणा सुनते ही टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कई लोग कह रहे थे कि अगर पोर्टल ही स्लो है तो एक दिन और क्या कर लेगा। ITR क्रांति 2025: पोर्टल हिला, डेडलाइन बढ़ी और टैक्सपेयर्स की सांसें थमी!
4. टैक्सपेयर्स की हकीकत
मुंबई के रामू का उदाहरण लीजिए। दोपहर 2 बजे से उसने ITR फाइल करने की कोशिश की, पर हर बार साइट लोड होते-होते अटक जाती। रात 11 बजे जाकर उसने सुना कि डेडलाइन बढ़ गई है। “राहत तो है, लेकिन टेंशन जस की तस,” उसने अपने दोस्तों को मैसेज किया। ऐसे लाखों रामू पूरे देश में थे जो आख़िरी मिनट में फाइल करना पसंद करते हैं। इस साल उन्हें समझ आया कि टेक्नोलॉजी पर पूरा भरोसा करना कभी-कभी महंगा पड़ सकता है। ITR क्रांति 2025: पोर्टल हिला, डेडलाइन बढ़ी और टैक्सपेयर्स की सांसें थमी!
5. एक्सटेंशन के बावजूद बढ़ी मुश्किलें ITR क्रांति 2025:
16 सितंबर को भी कई लोगों ने शिकायत की कि पोर्टल दिन में स्लो है। सर्वर पर दबाव बना रहा क्योंकि उसी दिन एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त की डेडलाइन भी थी। यानी दोहरी भीड़। कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने कहा कि सरकार को कम-से-कम एक हफ्ते का एक्सटेंशन देना चाहिए था, ताकि लोग बिना घबराहट के रिटर्न भर सकें।
6. समय से ITR न भरने के नुकसान
- लेट फीस: जिनकी आय ₹5 लाख से ज़्यादा है, उन्हें ₹5,000 तक का जुर्माना। कम आय वालों के लिए भी ₹1,000 की पेनल्टी।
- रिफंड में देरी: रिटर्न वेरिफाई न होने तक प्रोसेस शुरू नहीं होगा।
- Loss Carry Forward: बिज़नेस या कैपिटल लॉस को आगे ले जाने का हक़ खत्म।
- आगे नोटिस का खतरा: देर से फाइलिंग पर आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है। ITR क्रांति 2025:
7. देसी बचाव के आसान टिप्स
- ब्राउज़र अपडेट करें, कैश-कुकीज़ साफ़ करें।
- इनकॉग्निटो मोड या अलग ब्राउज़र से लॉगिन करें।
- सुबह जल्दी या देर रात जब ट्रैफिक कम हो, उसी समय फाइल करें।
- सभी डॉक्यूमेंट्स – Form16, PAN-Aadhaar लिंक, बैंक डिटेल – पहले तैयार रखें।
- रिटर्न सबमिट करने के बाद तुरंत ई-वेरिफिकेशन करें। ITR क्रांति 2025:
8. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की राय
प्रोफेशनल संस्थान जैसे BCAS और FKCCI का कहना है कि सरकार को ITR फॉर्म समय रहते जारी करने चाहिए और पोर्टल की टेस्टिंग पहले करनी चाहिए। उनका सुझाव है कि हैवी ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए क्लाउड स्केलिंग बढ़ाई जाए। कई CA ने यह भी कहा कि हेल्पलाइन नंबर पर रिस्पॉन्स टाइम कम होना चाहिए ताकि यूज़र्स को तुरंत मदद मिले। ITR क्रांति 2025:
9. टेक्नोलॉजी की चुनौती
भारत में टैक्स फाइल करने वाले यूज़र्स की संख्या हर साल बढ़ रही है। डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन पोर्टल ही मुख्य साधन बन चुका है। मगर सर्वर कैपेसिटी और लोड मैनेजमेंट में गड़बड़ियां बार-बार सामने आती हैं। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को समय के साथ बढ़ाना जरूरी है, वरना हर साल यही “लास्ट मिनिट क्राइसिस” दोहराई जाएगी। ITR क्रांति 2025:
10. आगे का रास्ता
विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकार को चाहिए कि वह ITR सीज़न शुरू होने से पहले स्टेप-बाय-स्टेप लोड टेस्टिंग करे। नई सुविधाओं जैसे प्री-फिल्ड डेटा या रीयल-टाइम AIS रिपोर्ट के लिए हाई-कैपेसिटी सर्वर और बैकअप तैयार रखना चाहिए। यूज़र्स को भी आख़िरी दिन तक इंतज़ार करने की आदत छोड़नी होगी। समय से रिटर्न फाइल करना ही सबसे बढ़िया उपाय है। ITR क्रांति 2025:
11. देसी सीख
इस पूरी घटना ने हमें यही सिखाया कि टेक्नोलॉजी जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही संवेदनशील भी। सरकारी पोर्टल हो या प्राइवेट वेबसाइट, जब लाखों लोग एक साथ जुड़ते हैं तो सर्वर पर बोझ बढ़ता है। हमें भी “कल करूँगा” वाली आदत छोड़नी होगी और समय से ITR भरने की आदत डालनी होगी। तभी अगली बार “पोर्टल डाउन” का डर नहीं सताएगा। ITR क्रांति 2025:
12. निष्कर्ष – राहत और सबक
सरकार का एक दिन का एक्सटेंशन लाखों टैक्सपेयर्स के लिए राहत लेकर आया, मगर यह भी साबित हुआ कि सिर्फ तारीख बढ़ाने से समस्या हल नहीं होती। टेक्निकल तैयारी, बेहतर सर्वर और लोगों की समय पर फाइलिंग ही इस संकट का स्थायी समाधान है। अगर आप अब भी ITR फाइल नहीं कर पाए हैं तो देर न करें— अभी करें और चैन की सांस लें। https://www.newstak.in/politics https://terdingnews.in/jio-hotstar-free-streaming-deal-2025/
लेखक: Nitesh Panwar | © 2025 terdingnews.in –
