US-Venezuela Crisis
लेखक: Nitesh Panwar | कॉपीराइट: © trendingnews.in
काराकस में धमाकों से टूटी रात, अमेरिका की सीधी सैन्य कार्रवाई
जनवरी 2026 की शुरुआत वेनेजुएला के लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं रही। राजधानी काराकस शुक्रवार देर रात तेज धमाकों से गूंज उठी, जब अमेरिकी वायुसेना ने देश के कई रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ हवाई हमले किए। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज़ और विस्फोटों से पूरा शहर दहशत में आ गया। US-Venezuela Crisis
अमेरिका की इस कार्रवाई को अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष हस्तक्षेप माना जा रहा है, जिसमें केवल सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि सत्ता के शीर्ष स्तर को भी निशाना बनाया गया। —
राष्ट्रपति मादुरो हिरासत में, सत्ता संतुलन पूरी तरह डगमगाया
अमेरिकी हमलों के बीच सबसे चौंकाने वाली खबर यह रही कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी विशेष बलों ने हिरासत में ले लिया। US-Venezuela Crisis
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक बेहद गोपनीय ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास के सुरक्षा घेरों को कुछ ही मिनटों में निष्क्रिय कर दिया गया।
इस गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की सत्ता संरचना में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। सरकारी कार्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल है और सेना के भीतर भी हलचल तेज हो गई है।US-Venezuela Crisis
अमेरिका का पक्ष: ड्रग तस्करी और तेल विवाद बना वजह
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस सैन्य अभियान को लेकर कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले कई बार कूटनीतिक समाधान का विकल्प दिया, लेकिन वेनेजुएला सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
वेंस के अनुसार, ड्रग तस्करी पर रोक और अमेरिकी हितों से जुड़े तेल संसाधनों की सुरक्षा इस कार्रवाई के मुख्य कारण रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का हिस्सा है। US-Venezuela Crisis
रूस और ईरान का खुला समर्थन, वैश्विक तनाव बढ़ा
अमेरिकी कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। रूस और ईरान खुलकर वेनेजुएला के समर्थन में सामने आए हैं।
रूस ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, जबकि ईरान ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र पर सीधा आक्रमण करार दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव बढ़ता है, तो यह केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। US-Venezuela Crisis
ब्राजील की तीखी प्रतिक्रिया, UN से हस्तक्षेप की मांग
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि किसी देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और उसकी धरती पर बमबारी एक खतरनाक उदाहरण है। लूला ने संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। US-Venezuela Crisis
चीन ने अपने नागरिकों को दी चेतावनी
तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन ने वेनेजुएला में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
चीनी अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है। —
सत्ता परिवर्तन की अटकलें, डेल्सी बन सकती हैं अंतरिम राष्ट्रपति
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि उपराष्ट्रपति डेल्सी को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है।
खोजी पत्रकारों के अनुसार, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है, जिसे जल्द भरने की कोशिश की जा रही है। US-Venezuela Crisis
हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। —
लैटिन अमेरिका के लिए खतरनाक मोड़
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट लैटिन अमेरिका के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते संतुलन नहीं साधा, तो यह संघर्ष वैश्विक शक्ति संघर्ष में बदल सकता है। US-Venezuela Crisis
निष्कर्ष
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच यह टकराव केवल दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने वाला घटनाक्रम बन सकता है।
https://terdingnews.in/raj-nidimoru-net-worth/रूस, ईरान, चीन और ब्राजील की प्रतिक्रियाएं साफ संकेत देती हैं कि दुनिया एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक संघर्ष के मुहाने पर खड़ी है। https://www.aajtak.in/
आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या कूटनीति हालात को संभाल पाएगी या दुनिया एक नए अंतरराष्ट्रीय संकट की ओर बढ़ेगी।
