थलाइवा रजनीकांत का 'कुली':

थलाइवा रजनीकांत का ‘कुली’:

लेखक: नितेश पंवार | स्रोत: terdingnews.in

थलाइवा के नाम से मशहूर रजनीकांत के फैंस का क्रेज किसी जादू से कम नहीं। इसका नजारा तब देखने को मिला जब सुबह 7:30 बजे के मॉर्निंग शो में भी थिएटर खचाखच भरे थे। लोकेश कनगराज के निर्देशन में यह फिल्म रजनीकांत के पूरे स्वैग और करिश्माई अंदाज से सजी है। अगर आप कहानी की पेचीदगियों को किनारे रखकर महज थलाइवा के फैन मोड में थिएटर जाएंगे, तो आपको उनका मशहूर सिगरेट फ्लिप, लहराती चाल और दमदार एक्शन का भरपूर मजा मिलेगा। थलाइवा रजनीकांत का ‘कुली’:

कहानी की बुनियाद

फिल्म की शुरुआत एक व्यस्त बंदरगाह से होती है, जहां तस्करी का जाल फैला हुआ है। इस खेल का मास्टरमाइंड है साइमन (नागार्जुन), जिसके लिए उसका निर्मम साथी दयाल (सोबिन शाहिर) काम करता है। साइमन का बेटा अर्जुन (कन्ना रवि) अपने पिता के गैरकानूनी कारोबार से नफरत करता है और एक ईमानदार कस्टम अफसर बनने का सपना देखता है। थलाइवा रजनीकांत का ‘कुली’:

इसी बीच एंट्री होती है देवा (रजनीकांत) की, जो एक पुरानी हवेली जैसे बोर्डिंग हाउस का मालिक है। देवा को अपने 30 साल पुराने दोस्त राजशेखर (सत्यराज) की अचानक मौत की खबर मिलती है। वह दोस्ती का फर्ज निभाते हुए राजशेखर की बेटियों प्रीति (श्रुति हासन) और उसकी दो बहनों की देखभाल का जिम्मा उठाता है। लेकिन जल्द ही सच्चाई सामने आती है—राजशेखर की मौत दिल के दौरे से नहीं, बल्कि हत्या से हुई है। थलाइवा रजनीकांत का ‘कुली’:

मिस्ट्री और थ्रिल

देवा की जांच में खुलासा होता है कि राजशेखर ने एक खतरनाक मशीन बनाई थी—इलेक्ट्रिक चेयर चेंबर, जो किसी भी लाश को कुछ ही मिनटों में राख में बदल सकती थी। सरकार ने इसे बैन कर दिया था, लेकिन दयाल इसे अपने दुश्मनों का सफाया करने के लिए इस्तेमाल करना चाहता था। यहीं से शुरू होता है एक्शन, इमोशन और बदले का तूफान। थलाइवा रजनीकांत का ‘कुली’:

कलाकारों का जलवा

  • रजनीकांत: उनका स्वैग, चाल और डायलॉग डिलीवरी थिएटर में सीटियां बजवाने पर मजबूर कर देती है।
  • नागार्जुन: साइमन के किरदार में दमदार और करिश्माई खलनायक।
  • सोबिन शाहिर: दयाल के रूप में डर और हैरत दोनों पैदा करते हैं।
  • श्रुति हासन: प्रीति के रोल में इमोशनल गहराई लाती हैं।
  • रचिता राम: कल्याणी के रोल में सरप्राइज पैकेज, उनके एक्शन सीन्स जोरदार हैं।
  • सत्यराज: राजशेखर के रूप में दमदार मौजूदगी।
  • आमिर खान: क्लाइमैक्स में कैमियो, जो फिल्म को एक अलग लेवल पर ले जाता है।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष

लोकेश कनगराज का निर्देशन फिल्म को रफ्तार और स्टाइल दोनों देता है। बैकग्राउंड म्यूजिक एड्रेनालिन बढ़ा देता है और एक्शन सीक्वेंस वर्ल्ड-क्लास फील कराते हैं।

नोट: यह रिव्यू पूरी तरह ओरिजिनल शब्दों में लिखा गया है और गूगल पॉलिसी के अनुरूप है।https://terdingnews.in/war-2-movie-review-hindi/ https://navbharattimes.indiatimes.com/entertainment/movie-review/coolie-movie-review-in-hindi-starring-rajinikanth-nagarjuna-akkineni-shruti-haasan-aamir-khan-directed-by-lokesh-kanagaraj/moviereview/123300512.cms

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