शमी की वापसी या नया मोड़

लेखक: Nitesh Panwar | © terdingnews.in | अपडेट: नवंबर 2025

आरंभ: अमरोहा के एक छोटे से गांव से बनाया गया तेज़ गेंदबाजी का अड्डा

उत्तर-प्रदेश के अमरोहा जिले के सहसपुर गांव में 3 सितंबर 1990 को जन्मे शमी ने क्रिकेट के सफर की शुरुआत उन परिस्थितियों से की थीं जो अधिकतर युवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। उनके पिता तौसीफ अली, खुद एक किसान व पूर्व तेज गेंदबाज थे, ने बेटे की प्रतिभा को पहचानने के बाद मुरादाबाद के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी के पास उन्हें ले जाया – और यहीं से शुरू हुई शमी की ‘रन-अप’ की लकीर। शमी की वापसी या नया मोड़

बंगाल के घरेलू टीम के लिए उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 2010–11 सीज़न में पदार्पण किया। जल्दी ही उनकी गति, स्विंग और पड़ाव से गेंदबाजी ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।

इंटरनेशनल डेब्यू और पहला धमाका

जनवरी 2013 में पाकिस्तान के विरुद्ध दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर शमी ने अपना वनडे डेब्यू किया। उसी वर्ष नवंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, जहां उन्होंने अपनी गति और दिशा-बदलने वाली गेंदों से सभी को चौंका दिया। शमी की वापसी या नया मोड़

शुरुआत में चुनौतियाँ थीं, लेकिन शमी ने खुद पर भरोसा बनाए रखा। उनकी सबसे बड़ी ताकत रही दिशा-और-स्विंग में माहिर होना, जो उन्हें सीमित संसाधनों वाले घरेलू ट्रैक से अंतरराष्ट्रीय मैदान तक ले गई। शमी की वापसी या नया मोड़

रोमांचक उपलब्धियाँ: रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज नाम

शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए, औसत करीब 27.71 पर। एकदिवसीय में 108 मैचों में 206 विकेट। 2019 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ हैट-ट्रिक लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में शामिल थे। शमी की वापसी या नया मोड़

आईपीएल-मंच पर भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी – जैसे 2022 में गुजरात टाइटन्स के लिए सफल सीजन और 2023 में पर्पल कैप जीती। शमी की वापसी या नया मोड़

स्वास्थ और फॉर्म: चुनौतियाँ जो पीछे नहीं हटतीं

शानदार कैरियर के बीच शमी को चोट-कलह का सामना भी करना पड़ा। 2024 में हील की सर्जरी के बाद उन्होंने कहा कि अब वे “बिल्कुल दर्द-मुक्त” हैं। इसके बाद 2025 में टीम चयन, घरेलू टीम में वापसी और फिटनेस को लेकर चर्चाएं हुई। शमी की वापसी या नया मोड़

इसके अलावा, उनकी निजी जिंदगी में उत्पन्न विवादों और कानूनी मामलों ने मीडिया की निगाह में उन्हें रखा। लेकिन उन्होंने खुद को मैदान पर साबित करते हुए दिखाया कि बॉलिंग फॉर्म उन्हें खल नहीं सकती।

टीम इंडिया में भूमिका: अब-और आगे

टीम के तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट में शमी की भूमिका अनिवार्य हो गई है। बड़े टूर्नामेंट्स में उनकी उपलब्धियाँ, पिछली सफलताएं और निरंतरता इस बात का संकेत हैं कि भारत का तेज हमला उनकी मौजूदगी से और घातक होगा। शमी की वापसी या नया मोड़

उदाहरण के लिए, 2023 विश्व कप में उन्होंने सर्वाधिक विकेट लिए और भारतीय टीम को सेमीफाइनल तक पहुँचाया था।

चुनौतियाँ और आगे की राह

शमी को अभी भी अपनी फिटनेस को उच्च स्तर पर बनाए रखना है, क्योंकि तेज गेंदबाजी में उम्र-संबंधी चुनौतियाँ बढ़ती जाती हैं। टीम चयन, घरेलू प्रदर्शन और निरंतरता इनके आगे के तोड़ होंगे।

साथ ही, युवा तेज गेंदबाजों का दबाव, सीमित ओवरों वाले क्रिकेट का तालमेल, और घरेलू क्रिकेट में मैच-राइम जुटाना उनके अगले पड़ाव हैं। शमी की वापसी या नया मोड़

समर्थकों की नजर में शमी

फैंस और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने शमी की बॉलिंग शैली, मंशा और हार न मानने वाले रवैये की तारीफ की है। एक यूज़र ने ट्विटर पर लिखा — “शमी जब सीमर उठाता है तो बैट्समैन सोचता है — ये आने वाला है!” शमी की वापसी या नया मोड़

ऐसा लगता है कि शमी अपने करियर के इस पड़ाव पर “वापसी से तकदीर बदलने” की मुहिम पर हैं। https://terdingnews.in/qatar-vs-afghanistan/ https://www.aajtak.in/

लेखक: Nitesh Panwar | © 2025 — terdingnews.in

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