GST 2025 नया नियम:

GST 2025 नया नियम:

लेखक: Nitesh Panwar | प्रकाशित: अगस्त 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में एक ऐसा बड़ा ऐलान कर दिया, जिसने आम जनता से लेकर उद्योग जगत तक सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार जीएसटी (Goods and Services Tax) में बड़ा सुधार करने जा रही है। मौजूदा 4 टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) को घटाकर सिर्फ दो टैक्स स्लैब – 5% और 18% कर दिए जाएंगे। GST 2025 नया नियम:

इस कदम का सीधा असर 10 लाख से ज्यादा वस्तुओं पर पड़ेगा। मक्खन, जूस, ड्राई फ्रूट्स, पंखे, टीवी, एसी, फ्रिज, सीमेंट से लेकर वॉशिंग मशीन तक – सबकी कीमतों में 7% से 10% तक की कमी देखने को मिलेगी। मोदी सरकार ने इसे देशवासियों के लिए एक तरह का “दिवाली गिफ्ट” बताया है।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. जीएसटी सुधार क्यों ज़रूरी था?
  2. अभी तक के जीएसटी टैक्स स्लैब
  3. नए जीएसटी स्लैब का प्रस्ताव
  4. कौन-कौन से सामान होंगे सस्ते?
  5. किन पर टैक्स पहले जैसा रहेगा?
  6. लोगों की जेब पर असर
  7. व्यापारियों और उद्योग जगत पर असर
  8. सरकार को क्या फायदा?
  9. राज्यों की भूमिका और सहयोग
  10. दिवाली पर डबल बोनस
  11. अर्थव्यवस्था और निवेश पर असर
  12. भविष्य की चुनौतियां और सुधार की राह
  13. निष्कर्ष

1. जीएसटी सुधार क्यों ज़रूरी था?

भारत में जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था। उस समय कहा गया था कि यह “वन नेशन, वन टैक्स” का सपना पूरा करेगा। लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने महसूस किया कि चार अलग-अलग स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) होने की वजह से टैक्स स्ट्रक्चर जटिल हो गया है। GST 2025 नया नियम:

व्यापारी यह समझ ही नहीं पाते थे कि कौन सा सामान किस स्लैब में आता है। ग्राहक को भी यह समझना मुश्किल हो जाता था कि उस पर असली टैक्स कितना लग रहा है। इस बीच कई बार कोर्ट केस भी हुए और विवाद खड़े हुए।

यही वजह है कि सरकार अब इस जटिल व्यवस्था को सरल बनाकर सिर्फ दो स्लैब – 5% और 18% – रखना चाहती है। इससे टैक्स चुकाना आसान होगा, व्यापारियों की झंझट खत्म होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

2. अभी तक के जीएसटी टैक्स स्लैब

  • 5% – रोजमर्रा के सामान जैसे आटा, दूध, चीनी
  • 12% – स्टैंडर्ड गुड्स जैसे मक्खन, जूस, ड्राई फ्रूट्स
  • 18% – इलेक्ट्रॉनिक्स और कई सर्विसेस
  • 28% – लग्जरी और हानिकारक वस्तुएं जैसे एसी, फ्रिज, सीमेंट, कार

अब 12% और 28% स्लैब हट जाएंगे। इसका मतलब यह हुआ कि लगभग सभी चीजें या तो 5% पर आएंगी या फिर 18% पर। GST 2025 नया नियम:

3. नए जीएसटी स्लैब का प्रस्ताव

नई व्यवस्था में तीन कैटेगरी होंगी:

  1. 5% स्लैब: रोजमर्रा और जरूरत की चीजें
  2. 18% स्लैब: इलेक्ट्रॉनिक और उपभोक्ता उत्पाद
  3. 40% स्लैब: लग्जरी और हानिकारक उत्पाद (विशेष टैक्स)

यानी अब “वन नेशन, टू टैक्स स्लैब्स” की राह पर देश बढ़ेगा।

4. GST 2025 नया नियम: कौन-कौन से सामान होंगे सस्ते?

नई टैक्स व्यवस्था के बाद कीमतों में भारी गिरावट आएगी। जैसे:

  • मक्खन, जूस, ड्राई फ्रूट्स – 12% से घटकर 5%
  • सीमेंट, एसी, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन – 28% से घटकर 18%
  • कपड़े और जूते – अब सस्ते
  • कई प्रकार के पैकेज्ड फूड – अब सस्ते

सीधे तौर पर कहें तो रोजमर्रा के खर्च में 7% तक और लग्जरी सामान पर 10% तक की राहत मिलेगी।

5.GST 2025 नया नियम: किन पर टैक्स पहले जैसा रहेगा?

सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोलियम, सोना और हीरे जैसी चीजों पर पहले जैसा टैक्स ही रहेगा। यह इसलिए क्योंकि इन पर टैक्स राज्यों की आय से जुड़ा है और केंद्र अभी इस पर बदलाव नहीं करना चाहता।

6. लोगों की जेब पर असर

मान लीजिए कि कोई परिवार महीने में 20 हजार रुपये का सामान खरीदता है। नए टैक्स स्लैब आने के बाद उसका खर्च करीब 1,500–2,000 रुपये तक कम हो सकता है। यानी सालाना 20–25 हजार रुपये की बचत।

इसी तरह अगर कोई मिडल क्लास परिवार फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदना चाहता है, तो उसे 5–10 हजार रुपये तक का फायदा मिल सकता है। GST 2025 नया नियम:

7. व्यापारियों और उद्योग जगत पर असर

व्यापारियों को अब अलग-अलग स्लैब की जटिलता से मुक्ति मिलेगी। उन्हें जीएसटी फाइलिंग आसान लगेगी। उद्योग जगत को भी फायदा होगा क्योंकि इनपुट टैक्स क्रेडिट का सिस्टम सरल हो जाएगा। GST 2025 नया नियम:

8. सरकार को क्या फायदा?

सरकार का मानना है कि टैक्स स्लैब कम होने से लोग टैक्स चोरी कम करेंगे। कारोबार करने में आसानी होगी और टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा। यानी सरकार की आमदनी घटेगी नहीं बल्कि और बढ़ सकती है।

9. राज्यों की भूमिका और सहयोग

पीएम मोदी ने कहा है कि यह सुधार तभी सफल होगा जब राज्य सरकारें भी इसमें सहयोग दें। मसौदा प्रस्ताव राज्यों को भेजा जा चुका है और उम्मीद है कि सितंबर की जीएसटी परिषद की बैठक में इसे मंजूरी मिल जाएगी।

10. दिवाली पर डबल बोनस

मोदी सरकार ने इसे सीधे-सीधे दिवाली गिफ्ट बताया है। उनका कहना है कि इस बार देशवासियों को दिवाली पर “डबल बोनस” मिलेगा – एक तो सस्ते सामान का फायदा और दूसरा आसान टैक्स व्यवस्था का लाभ। GST 2025 नया नियम:

11. अर्थव्यवस्था और निवेश पर असर

सस्ती वस्तुएं मिलने से डिमांड बढ़ेगी। लोग ज्यादा खरीदारी करेंगे। इसका फायदा उद्योग जगत और निवेशकों को होगा। विदेशी निवेश भी बढ़ सकता है क्योंकि भारत का टैक्स सिस्टम और आसान हो जाएगा।

12. भविष्य की चुनौतियां और सुधार की राह

हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। राज्यों की सहमति लेना आसान नहीं होगा। कुछ राज्यों को डर है कि उनकी आय घट जाएगी। इसके अलावा पेट्रोलियम और शराब को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग भी जोर पकड़ सकती है।

13. निष्कर्ष

कुल मिलाकर देखा जाए तो मोदी सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी, कारोबार आसान होगा और देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा। GST 2025 नया नियम:

अब देखना यह है कि जीएसटी परिषद इस प्रस्ताव को कब तक मंजूरी देती है और यह बदलाव जमीनी स्तर पर कब लागू होता है। लेकिन इतना तय है कि इस बार की दिवाली आम जनता के लिए वाकई “डबल बोनस” लेकर आएगी। https://www.wikipedia.org/ https://terdingnews.in/serbian-man-20-seconds-cleanup-responsibility/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version