Ganesh Chaturthi 2025:

Ganesh Chaturthi 2025:

लेखक: Nitesh Panwar | Copyright © terdingnews.in

गणेश चतुर्थी 2025: देशभर में उत्सव का माहौल

गणेश चतुर्थी का पर्व भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में बसे भारतीय समुदाय भी गणपति बप्पा का स्वागत करते हैं। Ganesh Chaturthi 2025:

इस बार गणेश चतुर्थी की तिथि को लेकर असमंजस था, क्योंकि पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर में शुरू होकर 27 अगस्त को दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी। ऐसे में गणेश चतुर्थी 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी और यही दिन प्रतिमा स्थापना का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। Ganesh Chaturthi 2025:

गणेश चतुर्थी 2025 तिथि और मुहूर्त

  • गणेश चतुर्थी तिथि आरंभ: 26 अगस्त 2025 दोपहर 12:40 बजे।
  • गणेश चतुर्थी तिथि समाप्त: 27 अगस्त 2025 दोपहर 3:44 बजे।
  • अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ समय): 27 अगस्त को सुबह 11:45 से 12:55 बजे तक।
  • अतिरिक्त शुभ मुहूर्त: 27 अगस्त को दोपहर 1:39 से शाम 6:05 बजे तक।

मान्यता है कि गणेशजी का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए दोपहर के समय उनकी स्थापना करना सबसे उत्तम माना जाता है। Ganesh Chaturthi 2025:

गणेश चतुर्थी पर वर्जित चंद्र दर्शन

शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन वर्जित बताया गया है। इस दिन चंद्रमा देखने से कलंक या विवाद का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए भक्तगण चंद्रदर्शन से बचते हैं। 2025 में वर्जित समय इस प्रकार है:

  • 26 अगस्त: दोपहर 01:54 बजे से शाम 08:29 बजे तक।
  • 27 अगस्त: सुबह 09:28 बजे से रात 08:57 बजे तक।

गणेश चतुर्थी 2025 पर बन रहे शुभ योग

इस बार गणेशोत्सव के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे यह पर्व और भी खास हो गया है:

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 5:57 से 6:04 बजे तक।
  • रवि योग: सुबह 5:57 से 6:04 बजे तक।
  • शुभ योग: सुबह से दोपहर 12:35 बजे तक।
  • शुक्ल योग: 12:35 बजे के बाद।
  • हस्त नक्षत्र: सुबह से 6:04 बजे तक।
  • चित्रा नक्षत्र: हस्त नक्षत्र के बाद प्रारंभ।

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश प्रतिमा स्थापना से पहले घर या पंडाल की शुद्धि की जाती है। फिर लाल या पीले वस्त्र में बप्पा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। पूजा में दूर्वा, मोदक, सिंदूर, हल्दी, कुंकुम और लाल फूल अर्पित किए जाते हैं। गणेश अथर्वशीर्ष, गणपति स्तोत्र और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। Ganesh Chaturthi 2025:

गणपति को 21 दूर्वा और 21 मोदक अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। पूजा के बाद आरती की जाती है और प्रसाद का वितरण किया जाता है।

गणेश चतुर्थी 2025: 10 दिवसीय गणेशोत्सव का पूरा कार्यक्रम

  1. पहला दिन (27 अगस्त – गणेश चतुर्थी): प्रतिमा स्थापना और विधिवत पूजा-अर्चना। भक्त “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ बप्पा का स्वागत करते हैं।
  2. दूसरा दिन: गणेशजी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। भक्त मोदक और लड्डू का भोग लगाते हैं।
  3. तीसरा दिन: घर-घर और पंडालों में भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष आरती का आयोजन।
  4. चौथा दिन: भक्त गणपति को दूर्वा और विशेष फूल अर्पित करते हैं। इस दिन ‘सिद्धिविनायक’ स्वरूप की पूजा करना शुभ है।
  5. पांचवां दिन: भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए विशेष हवन और मंत्रजाप करते हैं।
  6. छठा दिन: गणपति को फलों का भोग लगाया जाता है और परिवार के लोग एकत्र होकर पूजा करते हैं।
  7. सातवां दिन: सामूहिक भजन संध्या और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
  8. आठवां दिन: भक्त गणपति को “अष्टविनायक” के रूप में पूजते हैं। यह दिन घर-घर आनंद से भरा होता है।
  9. नवां दिन: गणेशजी की विशेष आराधना की जाती है। इस दिन गणपति को 108 मोदक अर्पित करने की परंपरा है।
  10. दसवां दिन (अनंत चतुर्दशी – 6 सितम्बर 2025): गणपति विसर्जन का दिन। भक्त बप्पा को जल में विसर्जित करते हैं और अगले वर्ष आने का आमंत्रण देते हैं। Ganesh Chaturthi 2025:

गणेश चतुर्थी का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा था। तब से यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया है। आज भी गणेशोत्सव समाज को जोड़ने और सामूहिक शक्ति का परिचय कराने का माध्यम है। Ganesh Chaturthi 2025:

इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से मिट्टी की मूर्तियों और प्राकृतिक सजावट का महत्व बढ़ गया है। प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह पर्यावरण मित्र प्रतिमाएं प्रयोग करने का संदेश लगातार दिया जा रहा है। Ganesh Chaturthi 2025:

निष्कर्ष: गणेश चतुर्थी 2025 का पर्व 27 अगस्त को पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। प्रतिमा स्थापना का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा। दस दिनों तक पूजा, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और उत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी को गणपति विसर्जन किया जाएगा। Ganesh Chaturthi 2025: https://www.jansatta.com/religion/ganesh-chaturthi-2025-date-time-shubh-muhurat-shubh-yog-ganesh-utsav-ananta-chaturdashi-kab-hai-ganesh-chaturthi/4103863/ https://terdingnews.in/cameron-green-century/

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