देशभर में मानसूनी कहर:

देशभर में मानसूनी कहर: गंगा और यमुना उफान पर,

देश के कई हिस्सों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गंगा और यमुना जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, वहीं उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में लैंडस्लाइड और बाढ़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। आइए जानते हैं देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का कहर किस तरह तबाही मचा रहा है।

गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के पार

प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, पटना सहित गंगा किनारे बसे शहरों में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रयागराज में गंगा-यमुना का पानी घाटों की ऊपरी सीढ़ियों तक पहुंच गया है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियां बनानी शुरू कर दी हैं और 88 नई चौकियों की स्थापना की जा रही है।

अयोध्या में सरयू नदी का पानी घाट तक पहुंच चुका है। वाराणसी में स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं को लगातार चेतावनी दी जा रही है। पटना रेलवे स्टेशन के बाहर जलभराव के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल: मंडी में बादल फटा, 9 लोग बाढ़ में बहे

हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

मंडी जिले में बादल फटने की घटना से दो परिवारों के 9 सदस्य लापता हो गए हैं। मंडी के कुकलाह इलाके में माता कश्मीरी मंदिर सहित कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिले के DIG सौम्या सांबशिवन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। SDRF और NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं।

इसके अलावा मंडी के बिजनी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल के बाहर लैंडस्लाइड हुआ, जिससे भारी मशीनें मलबे में दब गईं। कई मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

उत्तराखंड: भूस्खलन से सड़कें बंद, यात्रा प्रभावित

उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड और ओजरी के पास लैंडस्लाइड के कारण बंद कर दिया गया है। वहीं, गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू रूप से जारी है। प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

साथ ही, गोपेश्वर-चौपटा रोड पर भी पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया है। कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग पर सतपुली के पास भूस्खलन के चलते नेशनल हाईवे-119 बाधित हो गया है। राज्य के सभी 13 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान: धौलपुर और अलवर में सड़कों और अस्पतालों में भरा पानी

राजस्थान में भी मानसून ने तबाही मचाई है।

धौलपुर में देर रात की बारिश से नेशनल हाईवे-123 की ओर जाने वाली सड़क दो हिस्सों में कट गई है। बाड़ी की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।

अलवर में भारी बारिश से महिला पुलिस थाना और राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में पानी भर गया। पूरे शहर में दो फीट तक पानी जमा है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

हरियाणा: करनाल और रेवाड़ी में नुकसान

हरियाणा के करनाल में यमुना नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन डंपर और एक JCB मशीन पानी में डूब गई। डंपर में सो रहे ड्राइवरों को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियों की छतों पर चढ़ना पड़ा। सभी का बाद में सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।

रेवाड़ी शहर में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बाद सरकारी अस्पताल परिसर में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
बिहार: 16 जिलों में बारिश का अलर्ट, पटना स्टेशन पर जलभराव

बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। राज्य के 16 जिलों के लिए मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें 13 जिलों के लिए ऑरेंज और 3 के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। सीवान में 115.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही।

पटना में देर रात की बारिश के बाद पटना जंक्शन स्टेशन के बाहर जलभराव हो गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

छत्तीसगढ़: नदी में फंसे तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया

बलरामपुर जिले में गागर नदी में मछली पकड़ने गए तीन बच्चे अचानक जलस्तर बढ़ने से फंस गए। करीब तीन घंटे तक फंसे रहने के बाद, जब जलस्तर थोड़ा घटा, तब बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसका वीडियो आज सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, वाराणसी में जलस्तर खतरनाक स्तर पर

प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अरैल घाट की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। घाटों पर बैठने के लिए बनी छतरियां भी जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन ने फ्लड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया है, जो जलस्तर की निगरानी कर रही है।

डीएम रविंद्र कुमार मंदार ने बताया कि जिले में बाढ़ से निपटने के लिए 88 बाढ़ चौकियां बनाई जा रही हैं और संवेदनशील गांवों की पहचान कर ली गई है।

देशभर में बचाव कार्य जारी, मौसम विभाग का अलर्ट

देश के विभिन्न राज्यों में SDRF, NDRF, पुलिस और प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर पर्वतीय और नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

देशभर में मानसून की बारिश राहत के बजाय आफत बनकर टूटी है। हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, बिहार, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं से जनजीवन बेहाल है। कई लोगों की जान खतरे में है, सैकड़ों लोग प्रभावित हैं, और संपत्तियों का नुकसान हो रहा है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहकर मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना होगा।https://terdingnews.in/uttarkashi-disaster-2025-report/ https://en.wikipedia.org

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