Amazon AWS Outage
लेखक: Nitesh Panwar | © 2025 terdingnews.in
जब इंटरनेट ने अचानक कहा — “मैं थोड़ी देर में आता हूँ”
20 अक्टूबर 2025 की सुबह, दुनिया भर के यूज़र अचानक हैरान रह गए। चाहे कोई मोबाइल से Snapchat खोलने की कोशिश कर रहा हो, कोई Fortnite खेलने बैठा हो या कोई अपने स्मार्ट Alexa स्पीकर को “गाना चलाओ” बोल रहा हो — सब जगह सन्नाटा था। कारण? इंटरनेट की धड़कन कहे जाने वाली Amazon Web Services (AWS) ने अचानक काम करना बंद कर दिया। Amazon AWS Outage
कहने को तो क्लाउड सर्विस में बस “थोड़ी तकनीकी दिक्कत” थी, लेकिन इस आउटेज ने दिखा दिया कि आज के दौर में इंटरनेट का ज़्यादातर हिस्सा कुछ कंपनियों के सर्वर पर टिका है — और अगर वो ठहर जाएं, तो पूरा डिजिटल संसार थम सकता है।
आउटेज की शुरुआत — सब कुछ ठहर गया!
रात के करीब 3:11 बजे अमेरिकी समयानुसार AWS के US-EAST-1 रीजन में पहली बार सिस्टम एरर दिखा। देखते ही देखते DNS और नेटवर्क लेयर में दिक्कत आने लगी, जिससे हजारों वेबसाइट्स और ऐप्स एक-एक करके डाउन होने लगे। यह वही रीजन है जहाँ से AWS की सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा ट्रैफिक संभालने वाली सर्विसेज चलती हैं। Amazon AWS Outage
शुरुआत में यूज़र्स ने DownDetector पर रिपोर्ट डालनी शुरू की — “Snapchat नहीं खुल रहा”, “Alexa जवाब नहीं दे रहा”, “Prime Video अटक गया”, “Office 365 ईमेल नहीं भेज रहा।” कुछ घंटों में ही रिपोर्ट्स का ग्राफ़ आसमान छूने लगा।
कौन-कौन से प्लेटफॉर्म्स हुए प्रभावित?
यह आउटेज सिर्फ एक कंपनी या सर्विस तक सीमित नहीं रहा। नीचे वो बड़े नाम हैं जो इस घटना से प्रभावित हुए:
- Snapchat – चैट और स्टोरी अपलोड घंटों रुके रहे।
- Fortnite – सर्वर कनेक्शन फेल, यूज़र लॉगिन नहीं कर पा रहे थे।
- Apple Music – म्यूजिक स्ट्रीमिंग ठप।
- Starbucks App – कॉफी ऑर्डरिंग सिस्टम क्रैश।
- Duolingo – भाषा सीखने वाले छात्रों का दिन खराब।
- Ring और Alexa – स्मार्ट डिवाइस ऑफलाइन मोड में चले गए।
- Prime Video – बफरिंग का महासागर, कोई फिल्म नहीं चली।
यानी कहना गलत नहीं होगा कि — इंटरनेट का आधा हिस्सा सो गया था!
तकनीकी वजह — आखिर गड़बड़ी कहाँ थी?
AWS की टीम के मुताबिक, ये दिक्कत “नेटवर्क राउटिंग और DNS” से जुड़ी थी। जब किसी वेबसाइट का नाम आप सर्च करते हैं, तो DNS उसे IP एड्रेस में बदलता है। AWS के अंदर यही सिस्टम ओवरलोड हो गया। Amazon AWS Outage
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, एक इंटरनल अपडेट के दौरान DNS कैशिंग सर्वर में गलती हुई। जिससे डेटा ट्रैफिक गलत दिशा में चला गया और सर्वर एक-दूसरे से बात नहीं कर पाए। इसे टेक्निकल भाषा में “Propagation Delay” कहा गया। Amazon AWS Outage
AWS ने अपने स्टेटस पेज पर कहा – “हमारी टीम समस्या की जड़ तक पहुंच गई है और सर्विस को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।” लेकिन तब तक दुनिया के करोड़ों यूज़र प्रभावित हो चुके थे।
कितनी बड़ी थी यह दिक्कत?
Downdetector और अन्य मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म्स ने बताया कि सिर्फ पहले दो घंटे में 5 लाख से ज़्यादा रिपोर्ट्स आईं। Amazon की कई इंटरनल सर्विसेज़ जैसे AWS Lambda, EC2 और Route53 भी प्रभावित हुईं।
यह अब तक के सबसे बड़े आउटेज में से एक था। AWS का “US-East-1” रीजन वैसे भी कई बार इतिहास में गिर चुका है। यह वही रीजन है जिसने 2021 और 2023 में भी इंटरनेट ठप किया था।
इस बार असर इतना बड़ा था कि McDonalds, Office 365, Apple Music, Tinder, Canva और यहां तक कि कई बैंकिंग साइट्स भी ठप रहीं। Amazon AWS Outage
भारत पर असर — यूज़र भी परेशान
हालाँकि समस्या अमेरिका से शुरू हुई थी, लेकिन इसका असर भारत में भी दिखा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र शिकायत करने लगे कि Snapchat और Prime Video काम नहीं कर रहे।
भारत में कई स्टार्टअप्स जैसे Zomato, Swiggy और Byju’s का बैकएंड AWS पर चलता है। इनकी टीमों ने भी थोड़ी देर के लिए स्लो रेस्पॉन्स या टाइमआउट एरर देखे। Amazon AWS Outage
कुछ कंपनियों ने इमरजेंसी ट्वीट किए — “हम जानते हैं कि हमारे ऐप में समस्या आ रही है, हम AWS टीम के साथ मिलकर हल निकाल रहे हैं।”
रिकवरी का सफर — धीरे-धीरे संभला इंटरनेट
करीब चार घंटे की जद्दोजहद के बाद AWS ने कहा कि “अधिकांश सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।” शाम तक Prime Video और Alexa जैसी सर्विसेज वापस चालू हो गईं।
लेकिन यूज़र एक्सपीरियंस अभी भी धीमा था। कई लोग कह रहे थे कि गेम सर्वर कनेक्ट नहीं हो रहे या वेबसाइट्स बार-बार टाइमआउट दे रही हैं।
AWS ने बयान जारी किया — “हम विस्तृत जांच के बाद Post Event Summary रिपोर्ट जारी करेंगे जिसमें बताएंगे कि क्या गलत हुआ और भविष्य में इसे कैसे रोका जाएगा।” Amazon AWS Outage
AWS ने क्या कहा? – आधिकारिक बयान
“We are investigating increased error rates and connectivity issues in the US-East-1 region. Our engineers are actively working to resolve the issue.” – AWS Status Page
इस बयान के कुछ घंटे बाद ही AWS ने बताया कि DNS सर्विस में सुधार किया जा रहा है और अधिकांश एप्लिकेशन बहाल हैं।
Amazon की आंतरिक टीमों ने “फेलओवर” (failover) यानी बैकअप सर्वर्स को एक्टिव करके सिस्टम को स्थिर किया। लेकिन इस दौरान अरबों डॉलर का ट्रैफिक प्रभावित हुआ। Amazon AWS Outage
कितना नुकसान हुआ?
टेक विश्लेषकों के अनुसार, AWS की हर मिनट की डाउनटाइम से वैश्विक स्तर पर लगभग $2-3 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इसमें ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, बैंकिंग और क्लाउड बेस्ड कंपनियां शामिल हैं।
अगर आप सोचें, तो यह कुछ घंटों का आउटेज नहीं — बल्कि अरबों डॉलर की “डिजिटल सर्दी” थी जिसने दुनिया भर को ठंडा कर दिया।Amazon AWS Outage
सोशल मीडिया पर मच गया बवाल
जैसे ही ऐप्स बंद हुए, ट्विटर (अब X) पर #AWSDown ट्रेंड करने लगा। यूज़र्स ने मज़ेदार मीम्स पोस्ट किए — किसी ने लिखा “Alexa ने भी छुट्टी ले ली”, तो किसी ने कहा “Snapchat ने मुझे खुद से बात करने पर मजबूर कर दिया।”
कुछ टेक एक्सपर्ट्स ने लिखा — “अब समझ आया, इंटरनेट सिर्फ Amazon के भरोसे है।” सोशल मीडिया पर लोगों ने ये सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क में एक सिंगल पॉइंट फेल्योर कैसे हो सकता है? Amazon AWS Outage
इस आउटेज से मिली बड़ी सीख
हर बड़ी तकनीकी समस्या अपने साथ सबक लाती है। AWS आउटेज ने हमें यह समझाया कि:
- सिंगल क्लाउड पर निर्भरता खतरनाक है: कंपनियों को मल्टी-क्लाउड सिस्टम अपनाना चाहिए।
- रीजनल बैकअप जरूरी है: एक रीजन के डाउन होने पर दूसरा तुरंत एक्टिव होना चाहिए।
- यूज़र कम्युनिकेशन तुरंत करें: ऐप डाउन होने पर लोगों को सूचित करें, छुपाएं नहीं।
- डेटा रेडंडेंसी रखें: ताकि सर्वर फेल होने पर भी जानकारी सुरक्षित रहे।
यानी, यह आउटेज एक “Wake-Up Call” है — तकनीक जितनी आगे बढ़े, उसकी तैयारी भी उतनी गहरी होनी चाहिए। Amazon AWS Outage
देसी स्टाइल में सोचिए – क्लाउड भी इंसान है!
अगर इंटरनेट को आप “महाबली हनुमान” मानें, तो AWS उसका “गदा” है। जब गदा ही फंस जाए, तो रावण क्या मारेगा? कुछ ऐसा ही हाल उस दिन हुआ।
सोचिए, आपका गेम, मूवी, और ऑनलाइन बिजनेस – सब एक ही जगह से सांस लेते हैं। जब वो जगह घुट जाए, तो पूरा डिजिटल शरीर रुक जाता है।
तो अगली बार जब आप Netflix चलाएं या Alexa से बात करें, तो याद रखिए – इनके पीछे AWS जैसी ‘अदृश्य ताकतें’ हैं जो दिन-रात काम करती हैं। और अगर वो ठहर जाएं, तो दुनिया ठहर जाती है।
भविष्य की तैयारी — Amazon अब क्या करने जा रहा है?
AWS ने कहा है कि अब वो अपने नेटवर्क में “Multi-Zone Redundancy System” लागू करेगा। यानी अगर एक रीजन फेल हो, तो दूसरा तुरंत लोड ले ले।
साथ ही, AWS “AI-Driven Monitoring” सिस्टम पर भी काम कर रहा है जो आउटेज के पहले ही चेतावनी दे सकेगा। इससे आने वाले समय में ऐसी बड़ी घटनाओं को टाला जा सकेगा।
Amazon की इंटरनल टीम ने कहा – “हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, और आने वाले महीनों में अधिक स्थिर इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” Amazon AWS Outage
निष्कर्ष — क्लाउड का राज़ और उसका खतरा
Amazon AWS ने हमें यह दिखाया कि टेक्नोलॉजी कितनी शक्तिशाली होने के बावजूद भी कितनी नाजुक हो सकती है। कुछ सेकंड की गलती अरबों डॉलर और करोड़ों यूज़र को प्रभावित कर सकती है।
लेकिन यह भी सच है कि AWS जैसी कंपनियों ने इंटरनेट को वह रफ्तार दी है, जिसने दुनिया को एक क्लिक पर जोड़ दिया है। और जब यह सिस्टम फिर से उठ खड़ा होता है — तो पूरा इंटरनेट चैन की सांस लेता है। Amazon AWS Outage https://www.aajtak.in https://terdingnews.in/pakistan-vs-south-africa-2025/
तो हाँ, यह एक झटका था, पर एक सबक भी। डिजिटल युग में भरोसा अंधा नहीं, समझदार होना चाहिए।
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