छांगुर बाबा कांड:
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से 78 वर्षीय जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के खिलाफ एक बड़े पैमाने पर धर्मांतरण रैकेट और विदेशी फंडिंग का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि उन्होंने विदेशों से 100 करोड़ से अधिक रुपये की फंडिंग प्राप्त की और इसे संपत्ति निर्माण, रैकेट ऑपरेशन, और गलत गतिविधियों में लगाया। इस मामले की जांच ATS, ED और अन्य एजेंसियों द्वारा कई चरणों में की जा रही है।
1. फंडिंग का स्रोत और बैंक ट्रांजैक्शन
जांच में सामने आया कि छांगुर बाबा के 40 से अधिक बैंक खातों में ₹100 करोड़ से अधिक की विदेशी रकम ट्रांसफर हुई, जिनमें अभी भी ₹30‑40 करोड़ बकाया हैं । रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि यह राशि विदेशों से (40 इस्लामी देशों सहित) आई थी। छांगुर बाबा कांड:
2. संपत्ति का निर्माण और आलीशान जीवनशैली
चीफ़ जांच एजेंसियों ने पाया कि छांगुर बाबा ने इस फंडिंग से तीन राज्यों में अवैध सिंडिकेट चलाकर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। इसमें वीआईपी अस्तबल, विदेशी नस्ल के घोड़े, कुत्ते और बड़े फार्महाउस शामिल हैं। बुलडोजर कार्रवाई में कई कोठियों को ध्वस्त किया गया, और संपत्ति नुकसान हुई छांगुर बाबा कांड:
3. अवैध धर्मांतरण रैकेट का संचालन
अधिकारियों के अनुसार, छांगुर बाबा ने अनुसूचित जातियों की महिलाओं को डर और लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया। “प्रोजेक्ट”, “मेक‑अप”, “सोइल-टर्निंग” जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल ऑपरेशन में किया गया। इसके लिए विदेशी धन का उपयोग किया गया और हिंदू महिलाओं को फंसाने की व्यवस्था थी।
4. ATS और ED द्वारा छापेमारी
एटीएस ने बाबा के खिलाफ FIR दर्ज कर 15 ठिकानों पर छापा मारा। ED ने कई जगहों से दस्तावेज, बैंक रसीदें और संपत्ति विवरण बरामद किए हैं। करीब ₹60 करोड़ से अधिक की मनी‑लांड्रिंग रेसिडेंस और संचालन में पकड़ी गई। छांगुर बाबा कांड:
5. कोड वर्ड और जिहादी रणनीति
अधिकारियों ने बताया कि धर्मांतरण ऑपरेशन में “प्रोजेक्ट” को कोडवर्ड के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, जो लड़की को सौंपा गया था। ब्राह्मण और उच्च जाति की महिलाओं का मख्य रेट तय किया जाता था – ब्राह्मण लड़कियाँ अधिक मूल्य की मानी जाती थीं मॉडल में मुस्लिम पुरुषों को प्रशिक्षित करके हिंदू महिलाओं को फँसाया जाता था।
6. सरकार की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा: “अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई हो रही है… विदेशों से पैसा आ रहा था… देश का स्वरूप बदलने की साजिश थी… अनुसूचित जातियों का धर्मांतरण कराया जा रहा था”। छांगुर बाबा कांड:
7. आगे की जांच और SIT की भूमिका
सरकार ने SIT गठित किया है, जिसमें ATS, Minorities Welfare, Cyber सेल, R&AW और IB जैसी एजेंसियां शामिल हैं। यह टीम संभावित नेटवर्क, फंडिंग स्रोत, और रैकेट के अन्य सदस्य खोजने की कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष और प्रमुख सवाल
- क्या छांगुर बाबा एक अकेला ऑपरेटर था, या कहीं बड़े नेटवर्क का हिस्सा?
- विदेश से आयी राशि का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
- क्या इस फंडिंग का इस्तेमाल सामाजिक सेवा के लिए था, या अपराधी गतिविधियों में?
- कानून व्यवस्था भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोकेगी?
https://terdingnews.in/ahmedabad-viman-hadsa-pilot-questions-2025/यह मामला सिर्फ संपत्ति और विदेशी फंडिंग का नहीं बल्कि भारतीय संवैधानिक समाज की एकता और सुरक्षा से जुड़ा है। छांगुर बाबा की जाँच अभी जारी है और जांच एजेंसियाँ बाकी कवायद में लगे हैं। आगे की क्रॉस चेकिंग और नेटवर्क की पहचान के बाद उजागर विवरण और भी चिंताजनक हो सकते हैं। छांगुर बाबा कांड: https://navbharattimes.indiatimes.com