Tere Ishq Mein Review

लेखक: नितेश पंवार | © 2025 – TerdingNews.in
आनंद एल. राय की निर्देशित फिल्म तेरे इश्क में आज 28 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में आई है। यह कहानी जुनून, पछतावे और समय के बदलते सरोकारों के बीच खड़ी प्रेमकहानी है — जिसमें धनुष के चेहरे पर छिपा दर्द और मोहम्मद जीशान अय्यूब की छोटी पर यादगार उपस्थिति फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है। नीचे पढ़िए फिल्म का पूरा, बारीक और निष्पक्ष विश्लेषण। Tere Ishq Mein Review
फिल्म का सार — क्या दिखता है पर्दे पर?
तेरे इश्क में शंकर गोरुक्कल (धनुष) और मुक्ति (कृति सेनन) की प्रेमकहानी के इर्द-गिर्द घूमती है। शंकर कॉलेज के छात्र संघ का प्रभावशाली नेता है — हिंसक, कट्टर और दबंग तहखाने का प्रतीक। मुक्ति जन-अनुसंधान कर रही रिसर्च स्कॉलर है, जो यह साबित करना चाहती है कि किसी व्यक्ति के भीतर परिवर्तन संभव है। मुक्ति शंकर को अपने शोध का विषय बनाती है और धीरे-धीरे दोनों के बीच अनकहे रिश्ते की तहें खुलती हैं। कहानी फ़्लैशबैक और वर्तमान के बीच आगे-पीछे होकर दर्शक की जिज्ञासा बनाए रखती है — यह जानने के लिए कि किस मोड़ पर दोनों का फासला बढ़ा और प्रेम किस तरह एक विस्मयकारी मोड़ ले गया। Tere Ishq Mein Review
कहानी और पटकथा — भावनाओं का संतुलन

कहानी की सबसे बड़ी खूबी है उसका प्राथमिक मोड़ — वह जगह जहाँ फिल्म तुरंत पकड़ बना लेती है। आयोजन के बाद का वक्त, बीते रिश्तों की घटनाएँ और छोटी-छोटी यादों का संचय धीरे-धीरे कहानी को गहराई देता है। पटकथा कई बार धीमी पड़ती है पर उन पलों में भी पात्रों के बीच की सूक्ष्मता और भावनात्मक धार प्रतीत होती है। Tere Ishq Mein Review
फिल्म का दूसरा हिस्सा — सात साल बाद की कहानी — वहीं वह दौर है जिसमें फिल्म अपनी असली संवेदनशीलता दिखाती है। यहां पर लेखक-निर्देशक ने भावनात्मक समयरेखा का अच्छा इस्तेमाल किया है: अतीत के गुज़रते क्षण और वर्तमान की खामोशी जब टकराते हैं, तब दर्शक के दिल पर असर होता है। Tere Ishq Mein Review
अभिनय — कौन चमका और क्यों?
धनुष — आंखों की भाषा
धनुष इस फिल्म के निश्चय ही सबसे बड़े स्तंभ हैं। उनके चेहरे की सूक्ष्मता, आंखों की भीतरी पीड़ा और गुस्से में छुपी नमी स्क्रीन पर ऐसी तरीके से उभरती है कि कोई भी दृश्य मात्र संवाद का मोहताज नहीं रह जाता। धनुष का प्रदर्शन इन पलों में सिनेमाई लगता है — वह अभिनय के जरिए कहानी को आगे खींचते हैं। Tere Ishq Mein Review
कृति सेनन — संतुलन की कोशिश
कृति सेनन ने मुक्ति का किरदार संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ निभाया है। हालांकि कई बार उनकी उपस्थिति धनुष की तीव्रता के सामने सिमटी सी लगती है, पर उन्होंने चरित्र की बारीकियों और शोध-आधारित दृश्यों में ईमानदारी दिखाई है। कुछ जगहों पर कृति का प्रदर्शन कमजोर नहीं, पर धनुष की तीव्र अभिव्यक्ति के बावजूद वह वही सम राखती हैं जो कहानी चाहती है।
मोहम्मद जीशान अय्यूब — छोटा रोल, बड़ा असर Tere Ishq Mein Review
सबसे बड़ा सरप्राइज़ पैकेज मोहम्मद जीशान अय्यूब हैं। उनका किरदार छोटा मगर बेहद प्रभावशाली है — वे जब स्क्रीन पर आते हैं, तो फिल्म की नाड़ी बदल जाती है। जीशान-धनुष के बीच का एक दृश्य सीधे दर्शक के दिल में उतर जाता है और फिल्म की आत्मा को नया रंग देता है। उनका कम-से-कम संवाद और गहरी मौन भाषा कहीं-कहीं फिल्म की सबसे यादगार चीजें बन जाती है। Tere Ishq Mein Review
प्रकाश राज और सहायक कलाकार
प्रकाश राज ने अपने छोटे से हिस्से में ही फिल्म को मजबूती प्रदान की है। उनकी मौजूदगी और आवाज़ का दबाव फिल्म के दृश्यों को ग्रेविटी देता है। बाकी सहायक कलाकार, चाहे कॉलेज-संदर्भ हों या परिवार के सदस्य, ज्यादातर समय कहानी का वजन संतुलित रखते हैं और प्राथमिक पात्रों को उभारने में सफल रहते हैं। Tere Ishq Mein Review
निर्देशन और दृश्यभाषा — आनंद एल. राय का अंदाज़
आनंद एल. राय की निर्देशक छाप फिल्म पर साफ़ दिखती है। उन्होंने रिश्तों की जटिलताओं को बड़े-बारीक दृश्यों में पिरोया है और अक्सर छोटे-छोटे दिखावों द्वारा बड़ा भाव खड़ा कर दिया है। उनकी जो खूबी रही है — वह है पात्रों के बीच की निकटता और समय के साथ बदलाव को बिना बड़े शोर के दिखाना।
कुछ जगहों पर फिल्म थोड़ी लम्बी लगती है और एडिटिंग की तेज़ी की कमी समझ आती है। पर जहाँ-जहाँ भावनात्मक टकराव आते हैं, निर्देशकीय पकड़ मजबूत रहती है और कैमरा-फ्रेमिंग सूक्ष्म भावों को पकड़ कर रखता है। Tere Ishq Mein Review
दृश्य कला, साउंडट्रैक और तकनीकी पहलू
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी चित्रात्मक है; कई दृश्यों में साफ-सुथरी रंगरचना और क्लोज-अप्स का अच्छा संयोजन मिलता है। ऑडियो-मिक्स और बैकग्राउंड स्कोर भावनाओं को उठाने में मदद करते हैं, पर कुछ जगहों पर म्यूज़िक थोड़ा ज़्यादा ड्रामेटिक लगता है और दृश्य के साथ ताल नहीं बैठाता।
एडिटिंग के मामले में फिल्म कहीं-कहीं धीमी पड़ती है — कुछ मिड-सीक्शन स्नैप्स tighter होते तो पूरी रफ्तार बेहतर रहती। पर कुल मिलाकर प्रोडक्शन-डिज़ाइन और तकनीकी क्राफ्ट ठोस हैं और कलाकारों के प्रदर्शन को सपोर्ट करते हैं। Tere Ishq Mein Review
कहानी के मजबूत और कमजोर पहलू
- मजबूत पहलू: धनुष का शानदार प्रदर्शन, जीशान की छोटी पर असरदार उपस्थिति, भावनात्मक गहराई और निर्देशक की नज़र जो रिश्तों की नाज़ुकता को समझती है।
- कमजोर पहलू: गति में गिरावट, कुछ अनावश्यक लंबाई वाले हिस्से और कभी-कभी कथानक का रैखिक न रह कर फोकस खो देना।
कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म का दिल ठीक-ठाक जगह पर धड़कता है — कुछ हिस्से शान से चलकर दर्शक को बांध लेते हैं, तो कुछ हिस्से थोड़े स्थिर बने रहते हैं। Tere Ishq Mein Review
जो दिल को छू जाता है — प्रमुख दृश्य और सीन
फिल्म के कुछ क्षण ऐसे हैं जो लंबे समय तक याद रहते हैं: शंकर और मुक्ति के बीच छोटे-छोटे मौन संवाद, धनुष की आंखों में छुपा हुआ दर्द जब वह किसी पुराने फैसले का खामोश पछतावा दिखाता है, और जीशान की एक छोटी-सी एंट्री जो कहानी के टोन को पलट देती है। इन दृश्यों में संवाद कम और भावनात्मक संकेत ज़्यादा काम करते हैं—जो कि आधुनिक रोमांटिक कहानियों में दुर्लभ हो चला है। Tere Ishq Mein Review
आख़िरी फैसला — क्या देखें या छोड़ दें?
अगर आप भावनात्मक कहानियाँ पसंद करते हैं, जहाँ किरदारों की आंतरिक दुनिया को स्क्रीन पर महसूस कराना प्राथमिकता है, तो तेरे इश्क में आपके लिए देखने लायक़ है। फिल्म में तेज़-तर्रार रोमांच नहीं है, लेकिन अभिनय और अंदरूनी दर्द की जो गहराई है वह दिल तक पहुँचती है। वहीं अगर आप पूरी तरह हल्की-फुलकी मनोरंजक फिल्म की तलाश में हैं, तो यह आपकी सूची में दूसरी प्राथमिकता हो सकती है। Tere Ishq Mein Review
रेटिंग: 3/5
टिप: सिनेमाघरों में जाते समय उम्मीदों को संतुलित रखें — यह फिल्म अनुभव के लिए अधिक है, फ़ास्ट-फन के लिए कम।
अंतिम शब्द
तेरे इश्क में एक ऐसा पैकेज है जहाँ अभिनय और भावनात्मक सच्चाई कहानी को आगे खींचती है। धनुष की परफॉर्मेंस फिल्म का सबसे बड़ा खज़ाना है और मोहम्मद जीशान अय्यूब का छोटा रोल उस खज़ाने को और चमकाता है। आनंद एल. राय ने एक सूक्ष्म और संवेदनशील प्रेमकहानी बनाई है जो हर किसी के स्वाद में न बैठते हुए भी अपनी जगह बनाए रखती है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए है जो किरदारों की गहराई, भावनात्मक टूट-फूट और धीमी जलन के साथ जुड़ना जानते हैं। https://www.aajtak.in/ https://terdingnews.in/pak-vs-sl-t20i-live/
लेखक: नितेश पंवार
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