Mauni Amavasya 2026 LIVE
लेखक: Nitesh Panwar | कॉपीराइट: terdingnews.in
हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। माघ मास की अमावस्या तिथि को आने वाली यह पर्व तिथि विशेष रूप से स्नान, दान, तप और आत्मशुद्धि के लिए जानी जाती है। वर्ष 2026 में मौनी अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन पंचग्रही योग, सर्वार्थसिद्धि योग जैसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। Mauni Amavasya 2026 LIVE
ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम सहित सभी पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रयागराज, हरिद्वार, काशी, उज्जैन और नासिक जैसे तीर्थ स्थलों पर इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। Mauni Amavasya 2026 LIVE
मौनी अमावस्या 2026 की तिथि और समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 17 जनवरी 2026 की रात 12 बजकर 04 मिनट से होगा और इसका समापन 18 जनवरी 2026 की रात 01 बजकर 22 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के आधार पर मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। Mauni Amavasya 2026 LIVE
मौनी अमावस्या 2026 स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:10 से 06:00 बजे तक
- सर्वश्रेष्ठ स्नान समय: सूर्योदय से पूर्व
- दान का शुभ समय: सुबह से दोपहर 12 बजे तक
मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में किया गया स्नान और दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है। यदि किसी कारणवश नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।
मौनी अमावस्या पर बन रहे शुभ योग
वर्ष 2026 की मौनी अमावस्या को कई विशेष ग्रह योग बन रहे हैं, जो इस दिन के महत्व को और बढ़ा देते हैं।
- पंचग्रही योग: एक ही राशि में पांच ग्रहों का संयोग
- सर्वार्थसिद्धि योग: हर शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ
- अमृत सिद्धि योग: दान और तप के लिए सर्वोत्तम Mauni Amavasya 2026 LIVE
इन योगों में किया गया स्नान, दान, जप और पूजा अक्षय फल प्रदान करते हैं।
मौनी अमावस्या की पूजा विधि
- प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मौन व्रत का संकल्प लें
- पवित्र नदी या घर पर गंगाजल युक्त जल से स्नान करें
- स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्य को अर्घ्य दें
- भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें
- पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और दीपक जलाएं
- गरीबों और ब्राह्मणों को दान दें
मौनी अमावस्या पर जप करने योग्य मंत्र
भगवान विष्णु मंत्र:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
गायत्री मंत्र:
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
पितृ तर्पण मंत्र:
ॐ पितृभ्यो नमः
मौनी अमावस्या पर दान का महत्व
शास्त्रों में कहा गया है कि मौनी अमावस्या पर किया गया दान जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है। इस दिन विशेष रूप से अन्न, वस्त्र, तिल, कंबल और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। Mauni Amavasya 2026 LIVE
- अन्न दान
- काले तिल का दान
- ऊनी वस्त्र और कंबल
- घी, गुड़ और तांबे के बर्तन
मौन व्रत का धार्मिक महत्व
मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखने से मन की चंचलता शांत होती है और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। ऋषि-मुनियों के अनुसार मौन साधना आत्मज्ञान का प्रमुख माध्यम है।
इस दिन अनावश्यक बोलचाल से बचना चाहिए और अधिक से अधिक समय ध्यान, जप और साधना में बिताना चाहिए। Mauni Amavasya 2026 LIVE
क्या न करें मौनी अमावस्या के दिन
- झूठ बोलने से बचें
- क्रोध और विवाद न करें
- मांस-मदिरा का सेवन न करें
- अपवित्र आचरण से दूर रहें
प्रयागराज संगम में मौनी अमावस्या का महत्व
प्रयागराज संगम में मौनी अमावस्या का स्नान महाकुंभ के समान फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता भी संगम में स्नान करने आते हैं। Mauni Amavasya 2026 LIVE
इस कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं।
निष्कर्ष
https://terdingnews.in/raj-nidimoru-net-worth/मौनी अमावस्या 2026 आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। दुर्लभ योगों के संयोग में किया गया स्नान, दान, जप और मौन साधना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। यदि श्रद्धा और नियमों के साथ इस दिन का पालन किया जाए तो निश्चित रूप से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। Mauni Amavasya 2026 LIVEhttps://www.aajtak.in/
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