Army Day Parade 2026

लेखक: Nitesh Panwar | कॉपीराइट: terdingnews.in
राजस्थान की राजधानी जयपुर ने आज भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। 78वें सेना दिवस के अवसर पर पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब भारतीय सेना ने दिल्ली और आर्मी कैंट की सीमाओं से बाहर निकलकर आम जनता के बीच भव्य परेड का आयोजन किया। गुलाबी नगरी की सड़कों पर सेना का शौर्य, अनुशासन और शक्ति देखने के लिए हजारों लोग उमड़े। Army Day Parade 2026
इस ऐतिहासिक मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। आतंकवाद की सोच जब तक खत्म नहीं होती, तब तक शांति के प्रयास जारी रहेंगे।” उनका यह बयान देश की सुरक्षा नीति को लेकर सरकार के कड़े रुख को दर्शाता है। Army Day Parade 2026
जयपुर के लिए यह दिन गर्व का क्षण रहा। पहली बार भारतीय सेना ने दिल्ली से बाहर किसी गैर-कैंट क्षेत्र में सेना दिवस परेड आयोजित की। इस आयोजन का उद्देश्य केवल परेड तक सीमित नहीं था, बल्कि आम नागरिकों को सेना के साहस, अनुशासन और समर्पण से जोड़ना भी था।
जयपुर में सेना दिवस परेड: पहली बार जनता के बीच सेना
राजपथ जैसी गरिमा अब जयपुर की सड़कों पर देखने को मिली। सेना की टुकड़ियों ने सटीक कदमताल, आधुनिक हथियारों और पारंपरिक सैन्य विरासत का शानदार प्रदर्शन किया। Army Day Parade 2026
शौर्य संध्या में दिखा ऑपरेशन सिंदूर का दम
गुरुवार शाम सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या कार्यक्रम इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक विशेष फिल्म प्रदर्शित की गई।
फिल्म में दिखाया गया कि किस प्रकार 7 मई 2025 की रात ठीक 1 बजकर 5 सेकंड पर भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर आतंकवादी ठिकानों को सटीक और निर्णायक कार्रवाई में तबाह कर दिया। Army Day Parade 2026
यह प्रस्तुति केवल एक फिल्म नहीं थी, बल्कि भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और तेज निर्णय लेने की शक्ति का जीवंत प्रमाण थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सख्त संदेश
शौर्य संध्या को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति बिल्कुल स्पष्ट है। Army Day Parade 2026
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ भारत की अडिग प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जब तक आतंक की सोच समाप्त नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”
उनके इस बयान पर पूरे स्टेडियम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ समर्थन जताया।
61 कैवलरी रेजिमेंट: घुड़सवार सेना का शानदार नेतृत्व

सेना दिवस परेड में भारतीय सेना की एकमात्र घुड़सवार रेजिमेंट 61 कैवलरी ने विशेष आकर्षण बटोर लिया। इस प्रतिष्ठित टुकड़ी का नेतृत्व मेजर यशदीप अहलावत ने किया। Army Day Parade 2026
मेजर अहलावत पहले भी 2024 की गणतंत्र दिवस परेड में इस रेजिमेंट का नेतृत्व कर चुके हैं। घोड़ों पर सवार जवानों की अनुशासित चाल और परंपरागत सैन्य परिधान ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
घुड़सवार सैनिकों का शौर्य और परंपरा
भारतीय सेना की घुड़सवार टुकड़ी साहस और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। 61वीं कैवलरी यूनिट के जवान न केवल घुड़सवारी में दक्ष हैं, बल्कि युद्ध कौशल में भी उत्कृष्ट माने जाते हैं। Army Day Parade 2026
जयपुर में हुए इस आयोजन में उनकी प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक के युग में भी परंपरागत सैन्य विरासत का महत्व बरकरार है।
मरणोपरांत वीरता सेना मेडल से सम्मान
कार्यक्रम के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को सम्मानित किया गया।
पंजाब रेजिमेंट के सूबेदार मेजर पवन कुमार को मरणोपरांत वीरता सेना मेडल से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिवार के लिए गर्व और भावुकता का क्षण रहा। Army Day Parade 2026
थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी
सेना दिवस परेड की शोभा उस समय और बढ़ गई जब थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
सेना के जवानों ने उनका औपचारिक अभिवादन किया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।
जयपुर ने देखा सेना का स्वर्णिम अध्याय
https://terdingnews.in/raj-nidimoru-net-worth/78वां सेना दिवस जयपुर के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक स्मृति बन गया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारतीय सेना केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के दिल में बसती है। https://www.aajtak.in/
जयपुर की धरती पर सेना का यह शौर्य प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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