झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

कॉपीराइट: terdingnews.in
लेखक: Nitesh Panwar

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) सहारनपुर ने झारखंड से संचालित हो रहे एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश कपिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध अफीम और एक कार बरामद की गई है। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

काफी समय से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रडार पर चल रहा यह तस्कर झारखंड से सस्ती अफीम खरीदकर उसे उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूं, सहारनपुर और आसपास के जिलों में महंगे दामों पर सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी से नशा तस्करी के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

झारखंड के हजारीबाग से हुई गिरफ्तारी

एएनटीएफ सहारनपुर की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर झारखंड के हजारीबाग जनपद के बड़कागांव थाना क्षेत्र के सोनपुरा गांव में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कपिल कुमार पुत्र उमेश डांगी के रूप में हुई है, जो झारखंड के चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के बिसनापुर गंगपुर गांव का निवासी है। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कपिल कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए बरेली रेंज के डीआईजी द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

10 किलो अफीम और कार बरामद

गिरफ्तारी के दौरान एएनटीएफ टीम ने आरोपी के कब्जे से करीब 10 किलो अवैध अफीम बरामद की है। इसके अलावा अफीम की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी जब्त किया गया है।

पुलिस का मानना है कि बरामद की गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कई लाख रुपये हो सकती है। यह खेप पश्चिमी यूपी में सप्लाई की जानी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

बदायूं में दर्ज है एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा

कपिल कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज थाने में 30 अप्रैल 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

11 जनवरी को एएनटीएफ थाने में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में कई राज्यों में दबिश दे रही थी। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

ऐसे चलता था नशा तस्करी का नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह झारखंड के चतरा और खूंटी इलाके से कम दामों पर अफीम खरीदता था और फिर उसे उत्तर प्रदेश के बरेली और बदायूं के रास्ते पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों में सप्लाई करता था।

सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में यह अफीम छोटी-छोटी पुड़ियों में बांटकर बेची जाती थी। इस नेटवर्क में कई स्थानीय तस्कर और सप्लायर भी शामिल थे, जो लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते आ रहे थे। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

पश्चिमी यूपी में फैल रहा था नशे का जाल

पुलिस के अनुसार बरेली से लाई गई अफीम को सहारनपुर और अन्य जिलों में कई गुना महंगे दामों पर बेचा जाता था। नशे की लत को बढ़ावा देने वाला यह गिरोह युवाओं को अपना शिकार बना रहा था।

इससे पहले भी सहारनपुर और आसपास के जिलों में अफीम और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन कपिल कुमार इस नेटवर्क का एक बड़ा कड़ी था। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुट गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी तेजी से जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। झारखंड से पश्चिमी यूपी तक नशे का नेटवर्क टूटा,

पुलिस की सख्त चेतावनी

https://terdingnews.in/raj-nidimoru-net-worth/पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।https://www.aajtak.in/

कपिल कुमार की गिरफ्तारी को नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे पश्चिमी यूपी में नशे के कारोबार पर लगाम लगने की उम्मीद है।

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