SMAT 2025 Final

लेखक: Nitesh Panwar | कॉपीराइट: TrendingNews.in

भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में 18 दिसंबर 2025 का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। पुणे के प्रतिष्ठित महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल मुकाबले में झारखंड की टीम ने हरियाणा को करारी शिकस्त देकर पहली बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि झारखंड क्रिकेट के संघर्ष, मेहनत और लगातार विकास की कहानी का सुनहरा अंत थी। SMAT 2025 Final

फाइनल का माहौल और पिच रिपोर्ट

फाइनल मुकाबले से पहले ही स्टेडियम में जबरदस्त देखने को मिल रहा था। दोनों टीमों के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच को बल्लेबाजों के लिए मददगार माना जा रहा था, और यही कारण था कि क्रिकेट विशेषज्ञों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद थी। मैच ने उम्मीदों से कहीं ज्यादा रोमांच पैदा किया। SMAT 2025 Final

टॉस बना हरियाणा के लिए उल्टा फैसला

हरियाणा के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआत में यह निर्णय तार्किक लगा, लेकिन जल्द ही यह फैसला हरियाणा पर भारी पड़ गया। झारखंड के बल्लेबाजों ने पिच का पूरा फायदा उठाया और गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। SMAT 2025 Final

ईशान किशन की कप्तानी पारी ने बदला मैच का रुख

झारखंड की ओर से पारी की शुरुआत कप्तान ईशान किशन ने की। उन्होंने पहले ही ओवर से आक्रामक अंदाज अपनाया और हरियाणा के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। ईशान किशन ने सिर्फ 49 गेंदों में शानदार शतक जड़ दिया। उनकी पारी में 6 चौके और 10 लंबे छक्के शामिल थे। यह पारी न सिर्फ तकनीकी रूप से बेहतरीन थी, बल्कि मानसिक रूप से भी हरियाणा की टीम को तोड़ने वाली साबित हुई। SMAT 2025 Final

विराट सिंह का जल्दी आउट होना भी नहीं रोक सका झारखंड को

हालांकि दूसरे छोर से विराट सिंह जल्दी आउट हो गए और केवल 2 रन ही बना सके, लेकिन इसका झारखंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। टीम का इरादा साफ था—बड़े स्कोर की ओर बढ़ना।

कुमार कुशाग्र की विस्फोटक बल्लेबाजी

नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए कुमार कुशाग्र ने मैच को एकतरफा बना दिया। उन्होंने मात्र 38 गेंदों में 81 रनों की तूफानी पारी खेली। उनके बल्ले से 8 चौके और 5 छक्के निकले। कुशाग्र की टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ईशान किशन के साथ उनकी साझेदारी ने हरियाणा के गेंदबाजों की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। SMAT 2025 Final

अनुकूल रॉय और रोबिन मिंज का फिनिशिंग टच

पारी के अंतिम ओवरों में अनुकूल रॉय और रोबिन मिंज ने झारखंड के स्कोर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अनुकूल रॉय ने 20 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाए, जबकि रोबिन मिंज ने 14 गेंदों में नाबाद 31 रनों की तेज पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में रन बरसाकर झारखंड को 20 ओवरों में 3 विकेट पर 262 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। SMAT 2025 Final

हरियाणा के गेंदबाजों की संघर्षपूर्ण कोशिश

हरियाणा की ओर से सुमित कुमार, अंशुल कंबोज और सामंत जाखड़ को एक-एक सफलता मिली, लेकिन वे झारखंड के बल्लेबाजी तूफान को रोकने में नाकाम रहे। लगातार बाउंड्री और छक्कों ने गेंदबाजों का मनोबल तोड़ दिया।

262 रन का लक्ष्य और हरियाणा की चुनौती

262 रनों का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता, खासतौर पर फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में। हरियाणा की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में झारखंड के तेज गेंदबाज विकास सिंह ने हरियाणा के दो स्टार बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। इस शुरुआती झटके से हरियाणा कभी उबर नहीं पाई। SMAT 2025 Final

यशवर्धन दलाल और निशांत सिंधू की कोशिशें

हालांकि यशवर्धन दलाल ने 22 गेंदों में 53 रन बनाकर हरियाणा की उम्मीदों को कुछ देर तक जिंदा रखा। उनका साथ देते हुए निशांत सिंधू ने 15 गेंदों में 31 रन जोड़े। इन दोनों की साझेदारी ने मैच में थोड़ी देर के लिए रोमांच पैदा किया, लेकिन आवश्यक रन रेट लगातार बढ़ता चला गया।

सामंत जाखड़ की आक्रामक पारी भी रही नाकाफी

निचले क्रम में सामंत जाखड़ ने 17 गेंदों में 38 रन बनाकर एक आखिरी प्रयास जरूर किया, लेकिन झारखंड के गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के सामने हरियाणा की टीम 20 ओवरों में 193 रन ही बना सकी। SMAT 2025 Final

69 रनों से ऐतिहासिक जीत

झारखंड ने यह मुकाबला 69 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। जैसे ही आखिरी विकेट गिरा, मैदान में जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और प्रशंसकों की आंखों में खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे। यह जीत झारखंड क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुई।

पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी पर कब्जा

इस जीत के साथ ही झारखंड ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और राज्य में क्रिकेट को नई दिशा देगी। SMAT 2025 Final

ईशान किशन की कप्तानी को मिला सलाम

https://terdingnews.in/iqoo-15/पूरे टूर्नामेंट में ईशान किशन ने एक परिपक्व कप्तान की भूमिका निभाई। फाइनल में उनका शतक और नेतृत्व क्षमता इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह रही। उनकी कप्तानी में झारखंड ने साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट में अब वह किसी से कम नहीं है। https://www.aajtak.in/

निष्कर्ष

SMAT 2025 का फाइनल मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि झारखंड क्रिकेट के स्वर्णिम भविष्य की झलक था। यह जीत मेहनत, टीमवर्क और सही रणनीति का परिणाम है। झारखंड की यह ऐतिहासिक सफलता भारतीय घरेलू क्रिकेट के पन्नों में हमेशा सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगी।

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