भारत की अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर उम्मीदों की बारिश हो रही है। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) V. आनंद नागेश्वरन ने हाल ही में कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत की GDP ग्रोथ रेट 6.8% से ऊपर रहने की पूरी संभावना है। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
ये बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक सुस्ती, महंगाई और ब्याज दरों के दबाव से जूझ रही हैं। इसके बावजूद, भारत की कहानी अलग दिख रही है – मजबूत, स्थिर और आत्मविश्वासी।
नागेश्वरन का बयान: “भारत की नींव अब बेहद मजबूत है”
V. आनंद नागेश्वरन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है जहाँ घरेलू निवेश, मजबूत बैंकिंग सेक्टर और निरंतर सरकारी पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) से ग्रोथ को नई रफ्तार मिल रही है। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
“हमारी उम्मीद है कि FY26 में GDP ग्रोथ 6.8% या उससे ऊपर रहेगी। भारत अब केवल रफ्तार से नहीं, बल्कि स्थायित्व से भी बढ़ रहा है।” — V. Anantha Nageswaran
इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट बने ग्रोथ के इंजन
पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जमकर खर्च किया है — सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और डिजिटल कनेक्टिविटी। इसका नतीजा अब दिखने लगा है। निजी कंपनियाँ भी अब नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने लगी हैं। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) FY25 में GDP के लगभग 3.4% तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे रोजगार सृजन और मांग दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
वैश्विक मंदी में भारत क्यों चमक रहा है?
जहां अमेरिका और यूरोप के देश मंदी के साये से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की स्थिति बेहद स्थिर है।
भारतीय उपभोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
सेवा क्षेत्र (Service Sector) में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है।
IT, फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग और EV सेक्टर भारत के नए विकास इंजन बन रहे हैं।
विदेशी निवेशक (FII) भारत में लॉन्ग-टर्म दांव लगाने लगे हैं। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
IMF और विश्व बैंक की भी सहमति
सिर्फ भारतीय विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि IMF और विश्व बैंक ने भी अपने नवीनतम रिपोर्ट्स में कहा है कि “भारत आने वाले वर्षों में सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था” बना रहेगा। IMF ने FY26 के लिए भारत की अनुमानित ग्रोथ 6.7% बताई है, जबकि HSBC और Moody’s दोनों ने भारत को “Overweight Economy” करार दिया है। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
रोजगार और मिडिल क्लास की भूमिका
नागेश्वरन ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की मिडिल क्लास और स्टार्टअप कल्चर ग्रोथ को नई दिशा देंगे। जैसे-जैसे मिडिल क्लास की आय बढ़ेगी, खपत (consumption) में इजाफा होगा और इससे ग्रोथ और तेज़ होगी। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
FY26 तक भारत कहां पहुंचेगा?
अगर वर्तमान रफ्तार जारी रही तो भारत FY26 तक:
GDP ग्रोथ 6.8%–7% तक पहुंच सकती है।
रोजगार दर में 1.5% का सुधार संभव।
निजी निवेश में 10% से ज्यादा की वृद्धि।
डिजिटल पेमेंट्स में 25% तक उछाल।
और सबसे अहम – विदेशी निवेशकों के लिए भारत “Safe Bet” बन जाएगा।
चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन भरोसा ज्यादा बड़ा है
हालांकि, ग्रोथ के साथ कुछ चुनौतियाँ भी सामने हैं — जैसे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और मॉनसून की अनिश्चितता। लेकिन नागेश्वरन के मुताबिक भारत अब “Resilient Economy” बन चुका है जो इन झटकों को झेलने की क्षमता रखता है। भारत की GDP में बंपर उछाल आने वाला है
निष्कर्ष: “India – The Bright Spot of the World Economy”
अगर सब कुछ योजनानुसार चला, तो आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था न सिर्फ 7% की ग्रोथ हासिल करेगी, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा देगी कि स्थायित्व और विकास साथ-साथ चल सकते हैं।