Bandhan Bank share crash thumbnail showing stock fall and investor panic.

Bandhan Bank

लेखक: Nitesh Panwar | Updated: 31 अक्टूबर 2025 | © terdingnews.in

सुबह से शुरू हुई गिरावट — Bandhan Bank के शेयरों में भूचाल

शेयर बाजार के शुक्रवार सत्र में Bandhan Bank के निवेशकों के लिए दिन अच्छा नहीं रहा। सुबह जैसे ही बाजार खुला, Bandhan Bank का शेयर लाल निशान में फिसलता गया। शुरुआती ट्रेडिंग में ही 6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और शेयर ₹178 से लुढ़ककर ₹167 के स्तर पर जा पहुंचा। Bandhan Bank

निवेशकों को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब कंपनी ने अपने दूसरी तिमाही (Q2 FY2025-26) के नतीजे जारी किए। बैंक का शुद्ध मुनाफा सिर्फ ₹112 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹937 करोड़ था। यानी मुनाफे में करीब 88% की गिरावट दर्ज की गई। Bandhan Bank

इस खबर के बाद निवेशकों में अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर #BandhanBank और #BankingStocks ट्रेंड करने लगे। कई लोगों ने इसे बैंकिंग सेक्टर का “शॉक ऑफ द क्वार्टर” करार दिया।

आखिर ऐसा क्या हुआ कि मुनाफा 88% गिर गया?

Bandhan Bank का बिजनेस मॉडल हमेशा से माइक्रोफाइनेंस लोन पर टिका रहा है — यानी छोटे कारोबारियों, ग्रामीण महिलाओं और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को छोटे कर्ज देना। यह मॉडल तेज़ी से बढ़ा भी, लेकिन रिस्क भी साथ आया। Bandhan Bank

पिछले कुछ क्वार्टर्स से माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में डिफॉल्ट बढ़ने लगे हैं। यानी जिन लोगों को लोन दिया गया, उनमें से बड़ी संख्या ने किस्तें नहीं चुकाईं। इससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

इस वजह से बैंक को अपने खातों में ज्यादा Provisioning करनी पड़ी — यानी भविष्य के घाटे के लिए रिज़र्व पैसा रखना पड़ा। यह पैसा सीधे बैंक के मुनाफे से घटता है। इसी वजह से नेट प्रॉफिट में तगड़ी गिरावट देखने को मिली। Bandhan Bank

इसके साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) — जो बैंक के असली कमाई का पैमाना होती है — सिर्फ मामूली बढ़त दिखा पाई। वहीं, ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने और NPA के बढ़ते दबाव ने मुनाफे को और कम कर दिया।

Bandhan Bank Q2 Highlights — एक नज़र में पूरी रिपोर्ट

  • शुद्ध मुनाफा: ₹112 करोड़ (पिछले साल ₹937 करोड़)
  • नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): 4% की मामूली बढ़त
  • ग्रॉस NPA: बढ़कर 7.1%
  • नेट NPA: 2.3%
  • CASA रेशियो: घटकर 36.4%
  • कुल डिपॉजिट: ₹1.25 लाख करोड़
  • लोन बुक ग्रोथ: 9% सालाना बढ़ोतरी

इन आंकड़ों से साफ है कि बैंक की बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ गया है। मुनाफे में भारी गिरावट का असर अब सीधे निवेशकों की भावनाओं पर दिख रहा है। Bandhan Bank

मार्केट एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

ब्रोकरेज फर्म्स और मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि Bandhan Bank के लिए यह एक चेतावनी का संकेत है। कई फर्म्स ने बैंक के टारगेट प्राइस को घटाया है।

Motilal Oswal Financial Services ने अपनी रिपोर्ट में कहा — “बैंक का माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट अब उसके लिए रिस्क फैक्टर बन गया है। नए कस्टमर सेगमेंट में डाइवर्सिफिकेशन जरूरी है।

ICICI Securities ने भी नोट किया कि बैंक को अब अपनी लोन बुक को रीबैलेंस करना होगा और अर्बन व रिटेल सेक्टर पर फोकस बढ़ाना चाहिए।

निवेशकों की प्रतिक्रिया — “Bandhan ने हमारे भरोसे का बंधन तोड़ दिया!”

ट्विटर और स्टॉक कम्युनिटीज़ में निवेशकों की नाराज़गी साफ झलक रही है। कुछ ने लिखा — “Bandhan Bank ने सिर्फ मुनाफा नहीं, भरोसा भी खो दिया।

हालांकि कुछ लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स इसे ‘खरीदारी का मौका’ मान रहे हैं। उनका कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में गिरावट अस्थायी होती है और सही समय पर खरीदने वाले निवेशक लंबी अवधि में फायदा उठा सकते हैं।

लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को एक्सपर्ट्स सावधान कर रहे हैं — क्योंकि अगले कुछ हफ्तों तक स्टॉक में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Bandhan Bank के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ

Bandhan Bank के लिए अभी सबसे बड़ी चुनौती है — क्रेडिट क्वालिटी में सुधार करना। माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में डिफॉल्ट बढ़ने का मतलब है कि बैंक को अब अपने रिस्क मैनेजमेंट को और मजबूत बनाना होगा।

इसके अलावा बैंक को अपनी ग्रामीण लोन बुक से धीरे-धीरे शहरी और रिटेल सेगमेंट की ओर शिफ्ट होना पड़ेगा। इससे बैंक को स्थिर और कम रिस्क वाला बिजनेस मॉडल मिलेगा।

बैंक मैनेजमेंट ने खुद कहा है कि उन्होंने आने वाले क्वार्टर्स के लिए अतिरिक्त प्रावधान रखे हैं ताकि संभावित घाटे से निपटा जा सके। यानी बैंक अब धीरे-धीरे रिकवरी की दिशा में काम शुरू कर चुका है।

सोशल मीडिया पर चर्चा — “Bandhan Bank ट्रेंड में क्यों?”

Bandhan Bank इस वक्त सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित विषयों में से एक है। ट्विटर (X), टेलीग्राम और यूट्यूब पर निवेशकों की बहस जारी है।

कई यूट्यूब फाइनेंस चैनल्स इस गिरावट को “वॉचलिस्ट अलर्ट” बता रहे हैं। वहीं, कुछ फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में यह गिरावट एक रीसेट फेज है और आने वाले महीनों में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है।

कुल मिलाकर सोशल मीडिया पर Bandhan Bank की गिरावट पर मीम्स से लेकर एक्सपर्ट एनालिसिस तक सबकुछ छाया हुआ है।

आगे का रास्ता — Bandhan Bank के लिए “टेस्ट मैच” शुरू

बाजार के जानकार मानते हैं कि Bandhan Bank के लिए आने वाले छह महीने बहुत अहम होंगे। यह वक्त किसी टेस्ट मैच की तरह है — जहां तेजी से रन नहीं, बल्कि स्थिरता और रणनीति से जीत मिलती है।

अगर बैंक अपने लोन रिकवरी, रिस्क कंट्रोल और कस्टमर बेस को सही दिशा में बढ़ा लेता है, तो आने वाले वित्त वर्ष में मजबूत वापसी संभव है। लेकिन अगर माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में सुधार नहीं हुआ, तो निवेशकों का भरोसा वापस पाना मुश्किल हो जाएगा।

बाजार भरोसे पर चलता है — और एक बार भरोसा टूटा तो वापसी उतनी ही कठिन होती है।

Bottom Line: Bandhan Bank के लिए यह वक्त “आत्ममंथन” का है। निवेशकों के लिए भी समझदारी यही है कि वे जल्दबाज़ी में कोई कदम न उठाएं, बल्कि कंपनी के अगले क्वार्टर के नतीजों पर नजर रखें। https://www.aljazeera.com/ https://terdingnews.in/rrp-semiconductor/

लेखक: Nitesh Panwar |© 2025 terdingnews.in

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