देशभर में मानसूनी कहर: हिमाचल में बादल फटा,
देश के कई राज्यों में मानसून का प्रचंड रूप सामने आ रहा है। एक ओर जहां लगातार बारिश से राहत की उम्मीदें जगी थीं, वहीं दूसरी ओर यह बारिश अब कहर बनकर टूट रही है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
राजस्थान: अलवर में दो फीट तक पानी, सड़कों पर जाम
राजस्थान के अलवर जिले में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। कई वाहन पानी में फंस गए और ट्रैफिक लंबे समय तक रुका रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज और वाराणसी में गंगा-यमुना उफान पर
उत्तर प्रदेश में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। घाटों पर पानी 500 मीटर तक अंदर आ गया है। वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर सामान्य से चार फीट ऊपर बह रहा है। मणिकर्णिका घाट तक पानी पहुंच गया है, जिससे गंगा द्वार घाट का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी है।
लखीमपुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई जहां शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण मजरा पोक्सियाना गांव में एक पक्का मकान मात्र 9 सेकेंड में नदी में समा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बरेली में बारिश के चलते एक कच्ची दीवार गिर गई, जिसमें एक 15 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि 8 साल का एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना फरीदपुर थाना क्षेत्र के अहीर गोटिया गांव की है।
हिमाचल प्रदेश: मंडी में बादल फटा, चंडीगढ़-मनाली हाईवे 14 घंटे बाद खुला
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार तड़के चार जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं। इससे भारी तबाही मची है। अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लोग लापता हैं। 10 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और कई सड़कें अवरुद्ध हैं।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे झगोली टनल के पास लैंडस्लाइड के चलते बंद हो गया था जिसे 14 घंटे बाद खोला गया। वहीं शिमला-करसोग हाईवे पर भी भूस्खलन की वजह से लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और पहाड़ों के पास जाने से बचें। राज्य के पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ गया है।
उत्तराखंड: कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग बाधित, अलकनंदा नदी उफान पर
उत्तराखंड में भी भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पौड़ी जिले में सतपुली के पास लैंडस्लाइड के चलते कोटद्वार-बद्रीनाथ मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं उत्तरकाशी में लैंडस्लाइड की वजह से यमुनोत्री हाईवे बंद हो गया है।
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे के छोटे मंदिर डूब गए हैं। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
ओडिशा: 100 गांवों में बाढ़, स्वर्णरेखा नदी उफान पर
ओडिशा के बालासोर जिले में भारी बारिश और झारखंड से छोड़े गए पानी के चलते स्वर्णरेखा नदी उफान पर है। जिले के 100 से अधिक गांवों में खेत और घरों में पानी भर गया है। इसरो भोगरी, बलियावाल, जलेस्तर और बस्ता इलाके में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़: पुल नहीं बना, बाइक कंधे पर रखकर नदी पार कर रहे लोग
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। बिहारपुर क्षेत्र में खोड-छतौली मार्ग पर पुलिया का निर्माण न होने से ग्रामीण बाइक को कंधे पर रखकर जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे सरकारी लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई में समुद्र उफान पर, हाजी अली दरगाह बंद
मुंबई में अरब सागर की लहरें उफान पर हैं। सुरक्षा को देखते हुए हाजी अली दरगाह को फिलहाल बंद कर दिया गया है। दरगाह तक जाने वाले रास्ते को बैरिकेड कर दिया गया है। मौसम विभाग ने शहर में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हरियाणा: चरखी दादरी में जलभराव
हरियाणा के चरखी दादरी में सोमवार को तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया। लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी का अलर्ट: अगले सात दिनों में देशभर में भारी बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले सात दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
बारिश का राज्यवार डाटा (30 जून 2025):
चंडीगढ़ और अंडमान-निकोबार: सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश: 214 मिमी
राजस्थान: 155 मिमी
मध्य प्रदेश: 200 मिमी
ओडिशा: 173 मिमी
हिमाचल प्रदेश: 120 मिमी
उत्तराखंड: 143 मिमी
पश्चिम बंगाल और बिहार: औसतन 130 मिमी
देश में मॉनसून की एंट्री जहां एक ओर राहत लेकर आई थी, वहीं अब यह मुसीबत बनता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड, मैदानी इलाकों में बाढ़ और शहरी क्षेत्रों में जलभराव ने प्रशासन और जनता दोनों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी अगर सटीक बैठती है तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।https://terdingnews.in/uttarkashi-disaster-2025-report/ https://en.wikipedia.org